Hantavirus के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सतर्क, जांच के लिए 165 लैब तैयार; जानें पूरी जानकारी

Hantavirus Alert: मवी होडियंस क्रूज जहाज पर हाल ही में हंटावायरस का प्रकोप सामने आया था. इस वायरस की वजह से कुछ लोगों की मौत भी हुई है. इसके बाद कई देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है.

India alert in view of increasing cases of Hantavirus 165 labs ready for testing
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Hantavirus Alert: मवी होडियंस क्रूज जहाज पर हाल ही में हंटावायरस का प्रकोप सामने आया था. इस वायरस की वजह से कुछ लोगों की मौत भी हुई है. इसके बाद कई देशों ने सतर्कता बढ़ा दी है.

भारत ने भी एहतियात के तौर पर अपनी हाई-लेवल बायोसर्विलांस प्रणाली एक्टिव कर दी है, ताकि यह वायरस देश में प्रवेश न कर सके. ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि क्रूज जहाज पर कुछ भारतीय नागरिक भी मौजूद थे.

दो भारतीय नागरिक निगरानी में

स्पेन में भारतीय दूतावास के मुताबिक, जहाज पर मौजूद दो भारतीय नागरिकों को सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत नीदरलैंड भेजा गया है. वहां उन्हें क्वारंटीन में रखा गया है. फिलहाल दोनों में वायरस के कोई लक्षण नहीं मिले हैं, लेकिन सावधानी के तौर पर उन्हें 45 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा.

कैसे फैलता है हंटावायरस?

हंटावायरस संक्रमित चूहों के मल-मूत्र और उनके संपर्क में आने से इंसानों तक पहुंचता है. आमतौर पर यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता. हालांकि वैज्ञानिक इसके Andes स्ट्रेन को लेकर ज्यादा चिंतित हैं. 

माना जाता है कि यह स्ट्रेन इंसानों के बीच भी फैल सकता है. इसी वजह से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कई देशों को अलर्ट रहने को कहा है. भारत में भी Indian Council of Medical Research यानी आईसीएमआर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.

आईसीएमआर ने एक्टिव की 165 लैब

हंटावायरस को लेकर आईसीएमआर ने देशभर की अपनी वायरस रिसर्च और डायग्नोस्टिक लैब्स को अलर्ट मोड पर रखा है. पूरे देश में ऐसी करीब 165 लैब मौजूद हैं. इन लैब्स में संदिग्ध मरीजों के सैंपल की जांच की जा सकेगी. 

अगर विदेश से आने वाले किसी व्यक्ति में वायरस के लक्षण मिलते हैं, तो उसकी जांच तुरंत की जाएगी. इसका मकसद समय रहते संक्रमित की पहचान करना और जरूरत पड़ने पर मरीज को निगरानी में रखकर इलाज देना है.

आरटी-पीसीआर टेस्ट से होगी जांच

कोरोना की तरह ही हंटावायरस की जांच भी आरटी-पीसीआर टेस्ट से की जाएगी. इस टेस्ट में मरीज के सैंपल से वायरल RNA निकाला जाता है. इसके बाद उसे DNA में बदला जाता है और वायरस के जेनेटिक मटेरियल की जांच की जाती है. मशीन तुरंत वायरस की मौजूदगी का पता लगा लेती है.

हंटावायरस के मुख्य लक्षण

  • बुखार
  • मांसपेशियों में दर्द
  • सिरदर्द
  • पेट दर्द
  • उल्टी या मतली

क्या इंसान से इंसान में फैल सकता है वायरस?

विशेषज्ञों के मुताबिक, Andes स्ट्रेन इंसान से इंसान में फैल सकता है. यही वजह है कि दुनियाभर में निगरानी बढ़ाई जा रही है. हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल भारत में हंटावायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है. लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी बेहद जरूरी है. जरूरत पड़ने पर विदेश से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग भी शुरू की जा सकती है.

ये भी पढ़ें- तोड़ने वाले भारत की शक्ति को समझ नहीं सके... सोमनाथ से पीएम मोदी ने दिया संदेश, सरदार पटेल को किया याद