नई दिल्ली, न्यूज डेस्क: सरकार 'हिट एंड रन' को लेकर नया कानून लाई है, जिसका ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्ट विरोध (Hit and Run Law Protest) कर रहे हैं. वाहन चालकों की हड़ताल का आज दूसरा दिन है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तराखंड, राजस्थान, गुजरात समेत कई राज्यों में हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है. इस हड़ताल की वजह से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बाधित हो रही है. कॉलेज और स्कूल के वाहन ना चलने की वजह सेछात्रों और शिक्षकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. क्या है नया 'हिट एंड रन' कानून और क्यों इसका विरोध हो रहा है? चलिए जानते हैं...
क्या है नया 'हिट एंड रन' कानून?
दरअसल, सड़क हादसों पर नियंत्रण करने के लिए केंद्र सरकार ने 'हिट एंड रन' कानून में बदलाव किया है. इंडियन पीनल कोड 2023 में हुए संशोधन के बाद एक्सीडेंट होने पर ड्राइवर को 10 साल की सजा और 7 लाख के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. 10 साल की सजा के प्रावधान की वजह से ही ड्राइवर परेशान हैं और विरोध कर रहे हैं. पहले आईपीसी की धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत आरोपित को केवल दो साल तक की जेल हो सकती थी.
मौके से भागने को मजबूर ड्राइवर
'हिट एंड रन' कानून में बदलाव के बाद ड्राइवरों का कहना है कि कोई भी जानबूझकर दुर्घटना नहीं करता है और वे मौके से भागने को मजबूर हो जाते हैं. क्योंकि गुस्साए लोग उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं. ड्राइवरों का ये भी कहना है कि एक्सीडेंट के एक ही नहीं कई फैक्टर्स होते हैं. कुछ कोहरे की वजह से खराब विजिबिलिटी के कारण होता है. जिसकी वजह से ड्राइवरों को बिना किसी गलती के जेल जाना पड़ता है. कुछ ड्राइवर के कंट्रोल से परे होते हैं.