उत्तराखंड सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में लगातार जुटी हुई है. इसी दिशा में नैनीताल जिले के परिवहन विभाग ने एक नई और खास योजना शुरू की है, जिसमें युवाओं को मुफ्त ड्राइविंग प्रशिक्षण के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी मिलेगा. इस योजना का उद्देश्य युवाओं को सक्षम बनाना और उन्हें रोजगार से जोड़ना है. आइए जानते हैं इस पहल की पूरी जानकारी.
योजना का मकसद
परिवहन विभाग के एआरटीओ (प्रवर्तन) जितेंद्र सागवान ने बताया कि यह योजना खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के लिए है, जिनमें एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के लोग शामिल हैं. विभाग का लक्ष्य है कि इन युवाओं को आधुनिक परिवहन प्रणाली की समझ देते हुए उन्हें रोजगार के लिए तैयार किया जाए. प्रशिक्षण के बाद उन्हें मान्यता प्राप्त ड्राइविंग लाइसेंस भी दिया जाएगा, जिससे उनके रोजगार के अवसर और बेहतर होंगे.
21 दिन का मुफ्त ड्राइविंग प्रशिक्षण
इस योजना में शामिल होने वाले युवाओं को पहले लर्निंग लाइसेंस बनवाया जाएगा, उसके बाद 21 दिनों का निशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाएगा. प्रशिक्षण नैनीताल जिले के परिवहन विभाग के ड्राइविंग स्कूलों में कराया जाएगा. खास बात यह है कि इस दौरान हर प्रतिभागी को 100 रुपये प्रतिदिन आर्थिक सहायता के रूप में दी जाएगी, जिससे वे अपने दैनिक खर्चों में सहारा पा सकेंगे.
योजना में कैसे शामिल हों और क्या है चयन प्रक्रिया?
योजना के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पात्र युवाओं के नाम आमंत्रित किए जा रहे हैं. चयन प्रक्रिया के बाद युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा और सफल होने पर ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान किया जाएगा. यह योजना न केवल कौशल विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खोलेगी.
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