पुष्कर मेले 1 करोड़ की ‘नगीना’ घोड़ी ने लूटी महफिल, देखने के लिए उमड़ी भीड़, डाइट जान रह जाएंगे दंग

राजस्थान के अजमेर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पुष्कर पशु मेला 2025 इस बार एक खास मेहमान के कारण सुर्खियों में है भटिंडा (पंजाब) से आई करोड़ों की घोड़ी ‘नगीना’. अपनी खूबसूरती, चाल और बेजोड़ नस्ल की वजह से यह घोड़ी पूरे मेले की शान बन गई है.

Nagina horse steals the spotlight at Pushkar Cattle Fair
Image Source: Social Media

राजस्थान के अजमेर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पुष्कर पशु मेला 2025 इस बार एक खास मेहमान के कारण सुर्खियों में है भटिंडा (पंजाब) से आई करोड़ों की घोड़ी ‘नगीना’. अपनी खूबसूरती, चाल और बेजोड़ नस्ल की वजह से यह घोड़ी पूरे मेले की शान बन गई है. लोग दूर-दूर से सिर्फ इसकी एक झलक पाने और उसके साथ सेल्फी लेने के लिए पहुंच रहे हैं.

‘नगीना’ बनी पुष्कर मेले की जान

‘नगीना’ नाम की यह घोड़ी मारवाड़ी नस्ल की है, जो अपने शाही अंदाज और मजबूत शरीर के लिए जानी जाती है. इसके मालिक गौरावाई पिछले 15 सालों से पुष्कर मेला में हिस्सा ले रहे हैं. इस बार वे अपने साथ 30 घोड़े लेकर पहुंचे हैं, जिनमें ‘नगीना’ सबसे ज्यादा चर्चा में है. पंजाब के इंटरनेशनल हॉर्स शो में यह घोड़ी पांच बार विजेता रह चुकी है. सिर्फ 31 महीने की उम्र में ही इसने अपनी पहचान बना ली है.

55 लाख तक पहुंची बोली

‘नगीना’ की कीमत को लेकर मेले में खूब चर्चा है. अब तक इस घोड़ी की पिछली बोली 55 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है, लेकिन गौरावाई इसे 1 करोड़ रुपये से कम में बेचने को तैयार नहीं हैं. उनका कहना है कि “नगीना सिर्फ एक घोड़ी नहीं, हमारी शान है.” उन्हें भरोसा है कि जल्द ही कोई ऐसा खरीदार मिलेगा जो इसकी असली कीमत समझ सकेगा.

नगीना की डाइट है खास और पौष्टिक

गौरावाई बताते हैं कि नगीना की डाइट पर विशेष ध्यान दिया जाता है. इसके खाने में चना, सोयाबीन, कैल्शियम, विटामिन, जिंक, कॉपर जैसे पोषक तत्वों का संतुलित मिश्रण उबालकर दिया जाता है. इससे उसकी ताकत और चमक बरकरार रहती है. घोड़ी की शानदार बॉडी और ग्लॉसी कोट उसकी देखभाल का सबूत हैं.

सरकार ने दी सुविधाएं, मेला हुआ हाईटेक

इस साल पशुपालन विभाग ने मेला में भाग लेने वाले पशुपालकों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और स्थान आवंटन की सुविधा दी है. साथ ही बिजली, पानी और चिकित्सा सुविधा भी निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है. विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सुनील घीया के अनुसार, अब तक हजारों पशु मेला में पहुंच चुके हैं, जिनमें ऊंट, गौवंश और अश्व वर्ग के पशु शामिल हैं.

ये भी पढ़ें: गजब हो गया! बीकानेर पुलिस ने ऑटो वाले पर ठोक दिया बिना हेलमेट का चालान, अजीबोगरीब एक्शन से सब हैरान