India Bangladesh Relations: मोहम्मद यूनुस ने न्यूयॉर्क में कहा कि भारत-बांग्लादेश के रिश्ते फिलहाल ठीक नहीं हैं, क्योंकि भारत को पिछले साल देश में हुए छात्र आंदोलन पसंद नहीं आया. उनका आरोप था कि इस आंदोलन के कारण बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा. उन्होंने भारत पर यह भी आरोप लगाया कि वह शेख हसीना को अपनी मेजबानी देते हुए बांग्लादेश में विभिन्न समस्याएं पैदा कर रहा है.
छात्र आंदोलन को लेकर उठाए गए गंभीर आरोप
यूनुस ने दावा किया कि भारतीय मीडिया ने छात्र आंदोलनों को लेकर फर्जी खबरें फैलाईं, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया. उन्होंने कहा, "यह एक प्रोपेगैंडा है, जो हमें इस्लामिस्ट और तालिबानी के रूप में पेश करता है." उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें “तालिबानी चीफ” कहा जाता है, लेकिन वे इस तरह की राजनीतिक पहचान स्वीकार नहीं करते.
SAARC पर तीखे शब्द, भारत को दोषी ठहराया
यूनुस ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) की निष्क्रियता के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों से SAARC काम नहीं कर पा रहा है क्योंकि एक देश अपनी राजनीति के कारण इस संगठन को बाधित कर रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि SAARC को एक यूरोपीय संघ जैसी मजबूत और सक्रिय संस्था बनाना जरूरी है, जिससे क्षेत्रीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिले.
नॉर्थ ईस्ट पर विवादित टिप्पणी
मोहम्मद यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि सात राज्यों को समुद्र तक सीधी पहुंच नहीं मिली है, जो क्षेत्रीय विकास में बड़ी बाधा है. उन्होंने कहा कि SAARC के जरिए इस समस्या का समाधान हो सकता है और भारत को इसमें बाधा नहीं डालनी चाहिए.
भारत की प्रतिक्रिया और द्विपक्षीय संबंधों की चुनौती
भारत ने बांग्लादेश में बढ़ते भारत-विरोधी बयानबाजी और पूर्वोत्तर क्षेत्र पर संभावित दखलंदाजी की धमकियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. साथ ही, भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं पर हमलों की बढ़ती घटनाओं को लेकर भी चिंता जताई है, जो दोनों देशों के बीच रिश्तों में तनाव का एक बड़ा कारण बन रहा है.
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