MP सरकार का बड़ा तोहफा, इन छात्रों को हर महीने मिलेंगे 7500 रुपये, यहां जानिए लाभ लेने का तरीका

मध्य प्रदेश में श्रमिक परिवारों के बच्चों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई पहल करने जा रही है. आर्थिक परेशानी की वजह से प्रतिभाशाली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक श्री मेधा छात्र उन्नयन योजना’ शुरू की जाएगी.

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प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

मध्य प्रदेश में श्रमिक परिवारों के बच्चों की पढ़ाई को बढ़ावा देने के लिए सरकार नई पहल करने जा रही है. आर्थिक परेशानी की वजह से प्रतिभाशाली बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए ‘भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिक श्री मेधा छात्र उन्नयन योजना’ शुरू की जाएगी. इस योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को हर महीने 7500 रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. योजना का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे गजट नोटिफिकेशन के लिए भेजे जाने की तैयारी है. श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा है कि सरकार की कोशिश इसे इसी शैक्षणिक सत्र से लागू करने की है.

पढ़ाई से लेकर कोचिंग तक का खर्च होगा शामिल

योजना के तहत मिलने वाली 7500 रुपये की मासिक सहायता का इस्तेमाल छात्र ट्यूशन फीस, किताबों, हॉस्टल और कोचिंग की फीस के लिए कर सकेंगे. खास बात यह है कि इसमें NEET, JEE और CLAT जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी का खर्च भी शामिल किया जाएगा. शुरुआती चरण में कुल 600 बच्चों को योजना का लाभ देने की तैयारी है. इनमें 500 विद्यार्थियों का चयन भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल और 100 विद्यार्थियों का चयन श्रमिक कल्याण बोर्ड से किया जाएगा.

14 से 19 साल के विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

योजना का लाभ लेने के लिए विद्यार्थी की उम्र 14 से 19 साल के बीच होनी चाहिए और वह मध्य प्रदेश बोर्ड या सीबीएसई का नियमित छात्र होना जरूरी है. इसके साथ ही 10वीं कक्षा में कम से कम 80 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य होगा. योजना का लाभ आगे भी जारी रखने के लिए 12वीं में कम से कम 75 प्रतिशत अंक लाने होंगे. सबसे अहम शर्त यह है कि विद्यार्थी के माता या पिता मध्य प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल में पंजीकृत श्रमिक होने चाहिए.

शुरुआती चरण में 600 बच्चों का चयन

सरकार की इस योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को आर्थिक मदद देकर उनकी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को आसान बनाना है. शुरुआती चरण में 600 विद्यार्थियों को इसमें शामिल किया जाएगा, जिसमें 500 बच्चे भवन सन्निर्माण बोर्ड और 100 बच्चे श्रमिक कल्याण बोर्ड से चुने जाएंगे. योजना लागू होने के बाद पात्र विद्यार्थियों को हर महीने 7500 रुपये की सहायता मिलने की राह खुलेगी.

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