भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार अब अपने 10 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनरों के लिए एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना लाने की तैयारी कर रही है. इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनरों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है. योजना के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अधिकतम 35 लाख रुपये तक का कवरेज मिलेगा, और यह पूरी योजना अंशदायी और कैशलेस होगी. राज्य सरकार की ओर से इसकी घोषणा आगामी बजट में किए जाने की संभावना है.
बीमा योजना का खाका तैयार
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने इस स्वास्थ्य बीमा योजना का खाका तैयार कर लिया है और अब इसे वित्त विभाग की मंजूरी के बाद कैबिनेट के सामने पेश किया जाएगा. योजना में कर्मचारियों के परिवार के सदस्य जैसे पति-पत्नी, आश्रित बच्चे भी कवर होंगे, और इस पूरी प्रक्रिया के लिए कर्मचारियों को फोटोयुक्त कार्ड जारी किया जाएगा. इस योजना का एक अहम पहलू यह भी है कि पेंशनरों को भी इस स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में शामिल किया गया है, जिससे उन्हें भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी.
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी करेगा योजना का संचालन
इस योजना का संचालन राज्य स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा किया जाएगा. इसके लिए कानूनी, बीमा और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों की एक टीम बनाई जाएगी, जो क्लेम प्रोसेसिंग, अस्पतालों की संबद्धता और हेल्थ पैकेज जैसे मुद्दों पर काम करेगी. इसके अतिरिक्त, एक टास्क फोर्स भी गठित की जाएगी, जो योजना की समीक्षा करेगी और नीतिगत निर्णयों से जुड़े मामलों को देखेगी.
योजना की पात्रता
इस योजना के तहत कर्मचारियों, उनके पति-पत्नी, माता-पिता, दो आश्रित बच्चों, दत्तक बच्चों, तलाकशुदा पुत्री और पेंशनरों के पति-पत्नी को कवर किया जाएगा. योजना में पंजीकरण एमपीएसइडीसी (मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम) के माध्यम से किया जाएगा, और हर पात्र व्यक्ति को एक यूनिक डिजिटल कार्ड मिलेगा. इस कार्ड पर कर्मचारी का वेतन बैंड, विभाग और पेंशनर का पे बैंड भी उल्लेखित होगा. इसके अलावा, आश्रितों की जानकारी का अनुमोदन कार्यालय प्रमुख द्वारा किया जाएगा, और प्रत्येक वर्ष इस जानकारी का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा.
स्वास्थ्य बीमा के तहत मिलने वाली सेवाएं
स्वास्थ्य बीमा योजना में कर्मचारियों को ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट), दवाएं और चिकित्सा उपकरणों के लिए प्रति वर्ष 20,000 रुपये तक की सुविधा मिलेगी. इसके अलावा, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए कर्मचारियों को अधिकतम 35 लाख रुपये तक का कवरेज मिलेगा. योजना में शामिल अस्पतालों में राज्य के सभी आयुष्मान योजना से संबद्ध अस्पताल, भारत सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े अस्पताल और राज्य के बाहर के उच्च गुणवत्ता वाले अस्पताल भी होंगे. इसके अलावा, आपातकालीन स्थितियों में असंबद्ध अस्पतालों में भी उपचार की सुविधा मिलेगी, और उपचार पर होने वाला खर्च सरकार द्वारा प्रतिपूर्ति किया जाएगा.
कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए अंशदान
इस स्वास्थ्य बीमा योजना में कर्मचारियों को एक निश्चित अंशदान देना होगा, जो उनके वेतन बैंड के आधार पर तय किया जाएगा. वेतन बैंड के अनुसार अंशदान की राशि इस प्रकार होगी:
यह अंशदान हर महीने कर्मचारियों और पेंशनरों से लिया जाएगा, जिससे उन्हें मेडिकल बीमा की सुविधाएं मिल सकेंगी.
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