इंसान है या उल्लू? 50 साल से नहीं सोया ये शख्स, 1973 में ली थी आखिरी नींद, मेडिकल साइंस भी रह गई दंग

Rewa News: हमारे समाज में यह माना जाता है कि स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है. चिकित्सक भी यही कहते हैं कि जो व्यक्ति अच्छी नींद नहीं लेता, वह जल्दी बीमार पड़ जाता है. लेकिन मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इस सामान्य धारणा को ही चुनौती दे डाली है.

Mohan Lal Dwivedi Rewa Insomnia Case Man Not Slept for 50 Years Madhya Pradesh
Image Source: Social Media

Rewa News: हमारे समाज में यह माना जाता है कि स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त नींद जरूरी है. चिकित्सक भी यही कहते हैं कि जो व्यक्ति अच्छी नींद नहीं लेता, वह जल्दी बीमार पड़ जाता है. लेकिन मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इस सामान्य धारणा को ही चुनौती दे डाली है. यह हैरान करने वाली कहानी है रिटायर्ड ज्वाइंट कलेक्टर मोहन लाल द्विवेदी की, जो पिछले 50 साल से एक पल के लिए भी नहीं सोए हैं.

50 वर्षों से बिना नींद के जीवन

मोहन लाल द्विवेदी की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है. उन्होंने 1973 में पहली बार महसूस किया कि उनकी नींद अचानक गायब हो गई. उस समय वह लेक्चरर के पद पर कार्यरत थे और जुलाई महीने में उनकी नींद आनी बंद हो गई. इसके बाद से अब तक, यानी पिछले 50 वर्षों से उन्हें ना तो नींद आई और ना ही ऊंग. वे बताते हैं कि रात को वह जरूर लेटते हैं और आंखें बंद कर लेते हैं, लेकिन उनका दिमाग लगातार जागता रहता है.

स्वस्थ शरीर और ऊर्जा का रहस्य

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि नींद के बिना भी मोहन लाल द्विवेदी का शरीर पूरी तरह स्वस्थ है. उन्हें कभी थकान, जलन या कमजोरी का अहसास नहीं हुआ. यहां तक कि उन्हें चोट लगने पर भी दर्द का कोई अहसास नहीं होता. यह सच में एक मेडिकल रहस्य बन चुका है. उनकी रातें अब किताबों को पढ़ने या छत पर टहलने में ही गुजर जाती हैं.

कामकाजी जीवन में असामान्य ऊर्जा

अपने कार्यालय जीवन में मोहन लाल द्विवेदी की कार्यशैली एक आदर्श बन चुकी थी. वह घंटों बिना थके काम करते और लंबी पैदल यात्राएं करते थे. उनके अधीनस्थ कर्मचारी अक्सर हैरान होते थे, क्योंकि वह थकते ही नहीं थे. जबकि उनके कर्मचारी किसी सामान्य इंसान की तरह नींद और थकान से जूझते रहते थे. मोहन लाल की ऊर्जा को देखकर कई लोग उन्हें "सुपरमैन" मानते थे.

डॉक्टरों के लिए भी एक रहस्य

मोहन लाल ने इस रहस्यमयी नींद की समस्या का समाधान खोजने के लिए दिल्ली और मुंबई के बड़े अस्पतालों में कई चेकअप कराए. योग-प्राणायाम, झाड़-फूंक, हर तरह की चिकित्सा पद्धति को आजमाया, लेकिन डॉक्टरों को भी उनके मामले का कोई हल नहीं मिला. मेडिकल साइंस यह मानती है कि 6-8 घंटे नींद के बिना इंसान जल्दी थक जाता है, लेकिन मोहन लाल ने 50 साल से इस सिद्धांत को नकारा है.

समय के साथ आ गई आदत

शुरुआत में मोहन लाल इस नींद की समस्या से परेशान थे, लेकिन अब वह इसे अपनी सुपर पॉवर मानते हैं. उनका कहना है कि नींद नहीं आती, तो कोई बात नहीं, लेकिन शरीर पूरी तरह से स्वस्थ है, यही सबसे बड़ी बात है. पहले उन्होंने इस समस्या को किसी से साझा नहीं किया, लेकिन धीरे-धीरे यह बात पूरे शहर में फैल गई और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई.

ये भी पढ़ें: तीन मकान, एक कार... इंदौर में मिला करोड़पति भिखारी, ब्याज पर देता है पैसे, संपत्ति जान हो जाएंगे हैरान