भोपाल: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर प्रदेश के किसानों और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ेगा. बैठक में यह तय किया गया कि राज्य सरकार इस वित्तीय वर्ष (2025-26) में भी किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराएगी. इसके साथ ही प्रदेश के पांच जिलों के सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया गया है. वहीं, सागर जिले के मालथौन में एक नए सिविल जज न्यायालय की स्थापना को भी मंजूरी मिली है.
किसानों को फिर मिलेगा ब्याजमुक्त ऋण का लाभ
राज्य के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने किसानों को राहत देने के उद्देश्य से शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण देने की योजना को एक बार फिर जारी रखने का फैसला किया है. इस योजना के अंतर्गत किसानों को 3 लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज के दिया जाएगा. इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने 23 हजार करोड़ रुपए तक के ऋण वितरण का लक्ष्य तय किया है. यह कदम किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
पाँच जिलों में स्वास्थ्य सेवाएँ होंगी मजबूत
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया गया. टीकमगढ़, नीमच, सिंगरौली, श्योपुर और डिंडौरी जिलों के जिला अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बिस्तरों की संख्या 1000 से बढ़ाकर 1800 करने का निर्णय लिया गया है. टीकमगढ़ जिला अस्पताल में बेड संख्या 300 से बढ़ाकर 500 की जाएगी, वहीं नीमच और सिंगरौली अस्पतालों में 200 से बढ़ाकर 400 बिस्तर किए जाएंगे. श्योपुर में यह संख्या 200 से बढ़कर 300 होगी और डिंडौरी में 100 से बढ़ाकर 200 बेड की व्यवस्था की जाएगी.
नए पदों का सृजन और 39 करोड़ 50 लाख का वार्षिक व्यय
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि अस्पतालों में बेड बढ़ाने के साथ ही लगभग 810 नए पदों का सृजन किया जाएगा. इनमें 543 पद नियमित, 4 संविदा और 263 पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाएंगे. सरकार इस विस्तार के लिए सालाना करीब 39 करोड़ 50 लाख रुपए खर्च करेगी. यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
मालथौन में सिविल जज न्यायालय की स्थापना को मंजूरी
बैठक में न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने से जुड़ा एक अहम फैसला भी लिया गया. सागर जिले के मालथौन में एक सिविल जज न्यायालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है. इसके तहत कुल 7 नए पद सृजित होंगे. उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया कि मालथौन में लंबे समय से न्यायालय की मांग की जा रही थी, जिसे अब सरकार ने पूरा कर दिया है. इससे क्षेत्र के लोगों को न्याय तक आसान पहुँच मिल सकेगी.
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