Bhavantar Payment Scheme: मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सोयाबीन किसानों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है. सरकार जल्द ही 7 लाख से अधिक किसानों के बैंक खातों में 210 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर करेगी, जो उनके फसल के भावांतर भुगतान (Price Difference Payment) के तौर पर प्रदान किए जाएंगे. यह कदम प्रदेश के किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने और आर्थिक सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
किसानों के खाते में सीधे 210 करोड़ रुपये का भुगतान
मध्य प्रदेश में इस बार लगभग 7.10 लाख किसानों को सरकार से लाभ मिलेगा, जिनके बैंक खातों में यह राशि ट्रांसफर की जाएगी. इस राशि का वितरण आगामी दिनों में विदिशा में आयोजित एक भव्य सोयाबीन भावांतर भुगतान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे. किसानों ने प्रदेश की मंडियों में कुल 17 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन बेचा था, और इसी आधार पर उनकी भुगतान राशि का निर्धारण किया गया है.
किसानों को मिलेगा एमएसपी का पूरा लाभ
यह योजना किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है. प्रदेश में सोयाबीन का MSP 5328 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है. मंडियों में जो भी वास्तविक भाव होता है, यदि वह MSP से कम होता है, तो उस अंतर को सरकार सीधे किसानों के खातों में जमा कर देती है. इस योजना के जरिए किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलता है, जिससे उनकी आय में सुधार होता है और कृषि क्षेत्र में स्थिरता आती है.
अब तक किसानों को मिले हैं 1300 करोड़ रुपये
अब तक इस योजना के तहत तीन बड़े समारोह आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें किसानों को लगभग 1300 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. यह पहल प्रदेश सरकार के किसानों के प्रति समर्पण और उनकी आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. इस योजना के माध्यम से सरकार किसानों को ना केवल तत्काल राहत दे रही है, बल्कि उन्हें फसल का सही मूल्य दिलाने के लिए भी काम कर रही है.
कृषि क्षेत्र में स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा का प्रयास
मध्य प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस भावांतर भुगतान योजना का उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाना है. इस पहल से किसानों को जहां तत्काल लाभ मिलेगा, वहीं कृषि उत्पादन की स्थिरता और किसानों की वित्तीय सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह कहा कि सरकार का यह प्रयास सतत रूप से किसानों के हितों की रक्षा करने और कृषि क्षेत्र को प्रौद्योगिकियों और सुधारों के जरिए आगे बढ़ाने के लिए है.
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