पचमढ़ी नजूल क्षेत्र अभयारण्य से बाहर, 2 सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, पढ़ें MP कैबिनेट के अहम फैसले

MP Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी.

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MP Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी. इन फैसलों का राज्य के विकास, पर्यावरण संरक्षण, और कृषि क्षेत्र के लिए अहम प्रभाव होगा. बैठक में पचमढ़ी के अभयारण्य क्षेत्र, टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र, सिंचाई परियोजनाओं और जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई और उन्हें स्वीकृति दी गई.

पचमढ़ी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर की गई 395.939 हैक्टेयर भूमि

बैठक में सबसे पहले पचमढ़ी नगर की साडा द्वारा नियंत्रित 395.939 हैक्टेयर भूमि को पचमढ़ी अभयारण्य क्षेत्र से बाहर करने का निर्णय लिया गया. अब इस भूमि को राजस्व नजूल के रूप में घोषित किया जाएगा, जिससे इससे संबंधित विकास कार्यों में आसानी होगी. यह फैसला पचमढ़ी में बढ़ते शहरीकरण और अन्य विकास कार्यों को देखते हुए लिया गया है.

टाइगर रिजर्व के लिए 390 करोड़ रुपये की मंजूरी

राज्य में वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके आवास क्षेत्रों के संरक्षण के लिए मंत्रि-परिषद ने 9 टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों के विकास के लिए 390 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है. अगले पांच वर्षों के दौरान इन बफर क्षेत्रों में चेनलिंक फेसिंग, वन्यजीव सुरक्षा, जल स्रोतों का विकास, चारागाह क्षेत्रों का उन्नयन, और अग्नि सुरक्षा जैसे कार्य किए जाएंगे. यह कदम मध्य प्रदेश के वन्यजीवों के संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में सहायक साबित होगा.

नर्मदापुरम में सिंचाई परियोजनाओं के लिए 215 करोड़ रुपये

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में सिंचाई की सुविधाओं के विस्तार के लिए 2 सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई. इन परियोजनाओं में से एक है तवा परियोजना (दायीं तट नहर), जिसकी लागत 86 करोड़ रुपये होगी और इससे 4200 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा होगी. दूसरी परियोजना पिपरिया ब्रांच केनाल होज सिंचाई परियोजना है, जिसकी लागत 128 करोड़ रुपये होगी और इससे 6000 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी. इन परियोजनाओं से नर्मदापुरम जिले के 63 गांवों को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी.

जनजातीय कार्य विभाग के लिए 377 करोड़ रुपये की स्वीकृति

जनजातीय कार्य विभाग के लिए 377 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. ये धनराशि 15 योजनाओं के लिए दी जाएगी, जिसमें शुल्क प्रतिपूर्ति, स्वास्थ्य, स्काउट गाइड, परिवहन, पुरस्कार, आदि शामिल हैं. इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य में जनजातीय समुदायों के विकास और कल्याण को बढ़ावा देना है.

ओबीसी युवाओं के लिए विदेश में रोजगार योजना

मंत्रि-परिषद ने ओबीसी वर्ग के बेरोजगार युवाओं के लिए विदेश में रोजगार प्राप्ति की योजना को मंजूरी दी. इसके तहत आगामी 3 वर्षों में 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और हर साल 600 युवाओं को रोजगार के लिए विदेश भेजा जाएगा. इस योजना का उद्देश्य ओबीसी वर्ग के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार में अवसर प्रदान करना है.

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को 15,000 करोड़ रुपये की स्वीकृति

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को 15,000 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जो मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता के लिए होगी. इस योजना से किसानों को राहत मिलेगी और फसल उपार्जन प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी.

राजस्व विभाग के लिए 2,487 करोड़ रुपये

राजस्व विभाग को 2,487 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिनसे तहसील, जिला, और संभागीय कार्यालयों के निर्माण के कार्यों को पूरा किया जाएगा. इससे राज्य में सरकारी सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार होगा.

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