मैं उसे सुप्रीम लीडर नहीं कहूंगी... सिगरेट से खामेनेई की तस्वीर जलाने वाली लड़की आई सामने, जानें क्या कहा

    Morticia Addams Iran: सोशल मीडिया पर अक्सर छोटी-छोटी तस्वीरें या वीडियो वायरल होते रहते हैं, लेकिन कुछ तस्वीरें ऐसी होती हैं जो सिर्फ इंटरनेट पर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म देती हैं.

    Morticia Adams burnt Khamenei picture with Iran protest cigarette came forward
    Image Source: Social Media

    Morticia Addams Iran: सोशल मीडिया पर अक्सर छोटी-छोटी तस्वीरें या वीडियो वायरल होते रहते हैं, लेकिन कुछ तस्वीरें ऐसी होती हैं जो सिर्फ इंटरनेट पर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म देती हैं. ऐसी ही तस्वीर हाल ही में X (पूर्व Twitter) पर सामने आई, जिसमें एक युवा लड़की ने ईरान की सत्ता के खिलाफ अपने प्रतिरोध का अनोखा संदेश दिया. इस लड़की का नाम मोर्टिशिया एडम्स है और उनकी यह पोस्ट लाखों लोगों की जुबान पर छा गई है.

    उनकी वायरल तस्वीर में उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की तस्वीर को सिगरेट से जलाते हुए दिखाया. यह फोटो सिर्फ विरोध का प्रतीक नहीं, बल्कि ईरानी युवाओं और महिलाओं की साहसिक आवाज़ बन गई. मोर्टिशिया के अनुसार, यह संदेश उन लोगों के लिए है जो ईरान में अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

    कनाडा से उठी ईरान के लिए आवाज

    मोर्टिशिया एडम्स, जो कि वर्तमान में कनाडा के Richmond Hill, ओंटेरियो में रहती हैं, ने बातचीत में बताया कि उनका मकसद दुनिया का ध्यान ईरान की ओर आकर्षित करना है. उन्होंने कहा, “हालांकि मैं अपने देश से दूर हूं, लेकिन मेरा दिल और मेरी आत्मा उन लोगों के साथ है जो गोली और हिंसा का सामना कर रहे हैं. मैं दुनिया को दिखाना चाहती हूं कि ईरान में किस तरह का उत्पीड़न हो रहा है.”

    मोर्टिशिया का कहना है कि उन्होंने सिगरेट से पोस्टर जलाने का आइडिया अपने दोस्तों और प्रदर्शनकारियों को संदेश देने के लिए अपनाया. उनका कहना था कि डिजिटल ब्लैकआउट और इंटरनेट शटडाउन के कारण वे सीधे संपर्क में नहीं हैं, इसलिए सोशल मीडिया के जरिए ही लोगों तक आवाज़ पहुँचाई जा रही है.

    ईरान में बहादुर संघर्ष की कहानी

    मोर्टिशिया ने बताया कि उन्हें नवंबर 2019 में ईरान में विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था. उस समय उनके हिजाब और स्वतंत्रता की भावना ने उन्हें जोखिम उठाने के लिए प्रेरित किया. “मैं ईरान में उस व्यवस्था का विरोध करती थी जो महिलाओं को दबाती है. वहां महिलाएं हर कदम पर संघर्ष कर रही हैं, और मुझे गर्व है कि उनके साहस का हिस्सा बन पाई.”

    मोर्टिशिया ने यह भी कहा कि उनका वीडियो शूट करने का मकसद केवल ईरान के नेताओं को अपमानित करना नहीं, बल्कि महिलाओं और युवाओं को हौसला देना था. उन्होंने स्पष्ट किया, “मैं उसे सुप्रीम लीडर नहीं कहूंगी, क्योंकि वह मेरे लिए तानाशाह है. मेरे लिए यह एक बगावत है, और इसका उद्देश्य सिर्फ विरोध करना है.”

    ईरान से कनाडा तक का लंबा सफर

    मोर्टिशिया ने अपने संघर्ष के बारे में भी खुलकर बताया. उन्होंने कहा कि उनके पिता ने उनकी गिरफ्तारी के समय खुद पुलिस का सामना किया और उन्हें बचाया. इसके बाद कुछ दिनों में मोर्टिशिया ईरान से तुर्की पहुंचीं और फिर कनाडा का वीजा लेकर वहां स्थायी रूप से बस गईं. उनका यह सफर संघर्ष, साहस और अपने देश के लिए जिम्मेदारी का प्रतीक है.

    मोर्टिशिया ने अपनी कहानी साझा करते हुए कहा, “मैं केवल जेनरेशन Z की लड़ाई की नहीं बात कर रही, बल्कि ईरान के हर वर्ग के लोगों की आवाज़ की बात कर रही हूं. यह अब केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि पूरी क्रांति है.”

    सोशल मीडिया पर प्रतिरोध का चेहरा

    मोर्टिशिया की यह तस्वीर और वीडियो सिर्फ उनके साहस का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि ईरानी युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं. उनके हौसले और विरोध ने दुनिया भर के लोगों का ध्यान ईरान की स्थिति की ओर खींचा है. सोशल मीडिया के माध्यम से यह संदेश फैल रहा है कि वहां महिलाएं और युवा अपनी आज़ादी के लिए आवाज़ उठा रहे हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है.

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