Instagram Users Data Leak: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के लाखों यूजर्स के लिए एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है. एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 1.75 करोड़ से ज्यादा इंस्टाग्राम यूजर्स की निजी जानकारी साइबर अपराधियों के हाथों में पहुंच चुकी है और यह अब डार्क वेब पर बिक्री के लिए उपलब्ध है. इस डेटा लीक ने न केवल इंस्टाग्राम यूज़र्स की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि प्राइवेसी और साइबर सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है.
Cybercriminals stole the sensitive information of 17.5 million Instagram accounts, including usernames, physical addresses, phone numbers, email addresses, and more. pic.twitter.com/LXvjjQ5VXL
— Malwarebytes (@Malwarebytes) January 9, 2026
डेटा लीक की जानकारी कैसे मिली?
यह डेटा लीक सबसे पहले 9 जनवरी को साइबर सुरक्षा कंपनी Malwarebytes द्वारा सामने लाया गया. रिपोर्ट के अनुसार, यह लीक इंस्टाग्राम के API एक्सपोज़र के कारण हुआ, जो 2024 में हुआ था. कंपनी ने बताया कि इस एक्सपोज़र का असर डार्क वेब पर पाया गया डेटा सेट पर पड़ा, जिसे अब साइबर अपराधी विभिन्न अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.
लीक हुआ डेटा क्या है?
रिपोर्ट के अनुसार, लीक हुए डेटा में संवेदनशील जानकारी जैसे यूज़रनेम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और फिजिकल एड्रेस शामिल हैं. Malwarebytes ने यह भी बताया कि हाल के दिनों में इंस्टाग्राम यूज़र्स को बार-बार पासवर्ड रीसेट से संबंधित ईमेल मिल रहे हैं, जो इस डेटा लीक के कारण हो सकते हैं.
बढ़ सकता है साइबर हमलों का खतरा
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह के डेटा लीक से फिशिंग अटैक, अकाउंट हैक और पहचान चोरी जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. साइबर अपराधी कई प्लेटफॉर्म्स पर एक ही लॉगिन डिटेल्स का उपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं, जिसे क्रेडेंशियल स्टफिंग कहा जाता है. इससे न केवल इंस्टाग्राम, बल्कि अन्य ऑनलाइन अकाउंट्स भी खतरे में पड़ सकते हैं.
मेटा की चुप्पी और यूजर्स की बढ़ती चिंता
हालांकि इस पूरे मामले पर अब तक इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन मीडिया ने कंपनी से संपर्क किया है. उम्मीद की जा रही है कि मेटा इस मामले में जल्द ही प्रतिक्रिया दे सकती है. इस चुप्पी ने यूज़र्स के बीच चिंता को और बढ़ा दिया है, जो अपनी प्राइवेसी को लेकर चिंतित हैं.
भारत में क्यों हो सकता है बड़ा असर?
बांग्लादेश और पाकिस्तान के बाद भारत इंस्टाग्राम का सबसे बड़ा बाजार है. 2025 तक भारत में इंस्टाग्राम के करीब 48 करोड़ से ज्यादा यूज़र्स होने का अनुमान है. इसके अलावा भारत में फेसबुक और व्हाट्सऐप के भी 50 करोड़ से अधिक यूज़र्स हैं. अगर इस डेटा लीक की पुष्टि होती है, तो इसका सबसे अधिक असर भारतीय यूज़र्स पर पड़ सकता है.
भारत में डेटा प्रोटेक्शन कानून और इसके प्रभाव
भारत में लागू डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट, 2023 के तहत मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी जानकारी को पर्सनल डेटा माना गया है. इस कानून के अनुसार, बिना अनुमति के किसी भी निजी डेटा का लीक होना, साझा किया जाना या उपयोग करना एक गंभीर डेटा ब्रीच है. हालांकि, इस एक्ट के कई महत्वपूर्ण प्रावधान अभी तक लागू नहीं हुए हैं, जिनमें यूज़र्स को डेटा ब्रीच के बारे में सूचना देना और सहमति से डेटा उपयोग शामिल हैं.
क्या यूजर्स खुद को सुरक्षित रख सकते हैं?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इंस्टाग्राम यूज़र्स को अपनी अकाउंट सेटिंग्स को तुरंत चेक करना चाहिए. Meta के अकाउंट सेंटर में जाकर यह देखा जा सकता है कि अकाउंट किन-किन डिवाइसेज़ पर लॉग इन है. इसके अलावा, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को ऑन करना बहुत महत्वपूर्ण है. Malwarebytes ने भी सलाह दी है कि अगर अब तक 2FA चालू नहीं किया है, तो इसे तुरंत एक्टिव करें, ताकि अकाउंट को अतिरिक्त सुरक्षा मिल सके.
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