Monsoon 2026: देश के कई राज्यों में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है. जम्मू-कश्मीर से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक लगातार भारी बारिश हो रही है. कई जगह बाढ़ और भूस्खलन की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
भारी बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में तेज बारिश का अनुमान जताया है.
जम्मू-कश्मीर में सबसे ज्यादा नुकसान
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है. पुंछ और राजौरी जिलों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड की घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं. बचाव दल लगातार राहत और खोज अभियान चला रहे हैं. खराब मौसम और टूटी सड़कों की वजह से राहत कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं.
अमरनाथ यात्रा फिलहाल रोकी गई
लगातार खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है. पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर यात्रियों की आवाजाही रोक दी गई है. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है.
उत्तराखंड में बिजली गिरने से दो की मौत
उत्तराखंड में भी लगातार बारिश हो रही है. हरिद्वार जिले में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में 84 सड़कें बंद हो गई हैं, जिनमें दो राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं. कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है.
नागालैंड में बाढ़ का कहर
नागालैंड के मोन जिले में अचानक आई बाढ़ से तीन लोगों की मौत हो गई. भारी बारिश के कारण कई घर बह गए, सड़कें बंद हो गईं और कई इलाके पानी में डूब गए. प्रशासन का कहना है कि कुछ लोगों के अब भी मलबे में फंसे होने की आशंका है.
पश्चिम बंगाल में भी अलर्ट
पश्चिम बंगाल के उत्तर जिलों में भी अगले दो दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और कूचबिहार में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा जताया है. तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायदक जैसी नदियों का जलस्तर भी बढ़ सकता है.
अगले एक हफ्ते कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले सात दिनों तक उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में मॉनसून सक्रिय रहेगा और कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. वहीं, पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में इस दौरान बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है.
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों, पहाड़ी इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है.
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