हुसैन के खून का बदला लेगा ईरान... पिता की मौत के बाद पहली बार बोले मोजतबा खामेनेई, संघर्ष को किया याद

Mojataba Khamenei News: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन किया. हालांकि सुरक्षा कारणों की वजह से वह न तो पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हो पाए और न ही प्रार्थना सभा में मौजूद रहे.

Mojtaba gets emotional while recalling Ali Khamenei speaks of Husaini ideology and resistance
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Mojataba Khamenei News: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन किया. हालांकि सुरक्षा कारणों की वजह से वह न तो पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हो पाए और न ही प्रार्थना सभा में मौजूद रहे.

इसके बाद मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया के जरिए कई संदेश साझा किए. उन्होंने लगातार कई पोस्ट कर अपने पिता को याद किया और उनके विचारों का जिक्र किया.

सोशल मीडिया पर लगातार किए कई पोस्ट

मोजतबा खामेनेई ने अपने पहले संदेश में अयातुल्ला अली खामेनेई को याद करते हुए कहा कि सत्य के रास्ते पर चलने वाले लोगों के नेता के अंतिम संस्कार और दफन के बाद यह संदेश साझा किया जा रहा है. इसके बाद उन्होंने इमाम हुसैन का जिक्र करते हुए कई संदेश पोस्ट किए और ईरानी इस्लामी क्रांति के विचारों को हुसैनी विचारधारा से जोड़ा.

अली खामेनेई के जीवन को बताया हुसैनी विचारों से जुड़ा

मोजतबा खामेनेई ने कहा कि उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई का जीवन इमाम हुसैन के सिद्धांतों से प्रभावित था. उन्होंने लिखा कि अली खामेनेई ने अपने जीवन में हुसैन के आदर्शों को अपनाया और न्याय व प्रतिरोध के रास्ते पर आगे बढ़े. उनके अनुसार, अली खामेनेई ने अपने विचारों और विश्वासों के लिए संघर्ष किया और इसी रास्ते पर अपना जीवन समर्पित किया.

इमाम हुसैन और कर्बला का किया जिक्र

मोजतबा खामेनेई ने अपने संदेशों में इमाम हुसैन और कर्बला की घटना का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि हुसैन के अनुयायियों के लिए उनके विचार और संघर्ष आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं. 

जब भी उनके आदर्शों के लिए लोग बलिदान देते हैं, तो यह संघर्ष और न्याय की भावना को मजबूत करता है. उन्होंने इमाम हुसैन के प्रसिद्ध संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी आवाज आज भी लोगों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती है.

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