कपिल देव की राह पर मोहम्मद सिराज! 34 सालों बाद किया ये कारनामा, इंग्लैंड टीम पर बरपाया कहर

Mohammad Siraj: भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज इस समय अपने करियर के चरम पर हैं, लेकिन ये कामयाबी केवल विकेटों की गिनती तक सीमित नहीं है. सिराज ने हाल ही में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में आखिरी बार 34 साल पहले हुआ था.

Mohammad Siraj follows the footsteps of Kapil Dev Did this feat after 34 years
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Mohammad Siraj: भारतीय तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद सिराज इस समय अपने करियर के चरम पर हैं, लेकिन ये कामयाबी केवल विकेटों की गिनती तक सीमित नहीं है. सिराज ने हाल ही में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में आखिरी बार 34 साल पहले हुआ था. और उस वक्त ये रिकॉर्ड बनाया था भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव ने.

इस बार बात विकेट की संख्या की नहीं, बल्कि लगातार दो टेस्ट सीरीज़ में 150 से अधिक ओवर फेंकने की है, वो भी एक ही कैलेंडर वर्ष के भीतर. यह आंकड़ा न सिर्फ सिराज की फिटनेस का परिचायक है, बल्कि यह दर्शाता है कि वो भारतीय टेस्ट गेंदबाज़ी अटैक के ‘वर्कहॉर्स’ बन चुके हैं.

कपिल देव के नक्शे-कदम पर सिराज

साल 1991-92 में कपिल देव ने भारत के लिए दो अलग-अलग टेस्ट सीरीज़ में 150 से ज्यादा ओवर फेंके थे, जो एक तेज़ गेंदबाज़ के लिए असाधारण प्रयास माना जाता है. अब, 2024-25 में मोहम्मद सिराज ने भी वही इतिहास दोहराया है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में सिराज ने कुल 157.1 ओवर गेंदबाज़ी की. वहीं, इंग्लैंड के खिलाफ एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में अब तक उन्होंने 155.2 ओवर डाल दिए हैं. यह आंकड़े साबित करते हैं कि सिराज ना सिर्फ विकेट ले रहे हैं, बल्कि टीम के लिए कठिन हालातों में लंबा स्पैल डालने की क्षमता भी रखते हैं, जो आज के समय में बेहद दुर्लभ है.

इंग्लैंड सीरीज़ में सिराज का कमाल

इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज़ में सिराज अब तक 18 विकेट अपने नाम कर चुके हैं. उन्होंने एक बार पांच विकेट और एक बार चार विकेट की पारी खेली है. ऐसे में जब इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स आखिरी टेस्ट नहीं खेल रहे, सिराज के पास सीरीज़ के टॉप विकेट-टेकर बनने का पूरा मौका है.

भारतीय गेंदबाज़ों की बात करें तो जसप्रीत बुमराह ने 14 विकेट लिए हैं. आकाशदीप ने 12 विकेट अपने नाम किए हैं. लेकिन सबसे ज्यादा काम का बोझ सिराज के कंधों पर रहा और उन्होंने हर बार टीम को निराश नहीं किया.

फिटनेस, अनुशासन और जुनून का मेल

150 ओवर फेंकना किसी भी तेज़ गेंदबाज़ के लिए आसान नहीं होता, वो भी दो सीरीज़ में लगातार. ये प्रदर्शन सिराज की फिटनेस, अनुशासन, और टीम के लिए समर्पण का प्रतीक है. कपिल देव की तरह, सिराज भी अब टीम इंडिया के ऐसे गेंदबाज़ बनते जा रहे हैं जिन पर कप्तान सबसे ज्यादा भरोसा कर सकते हैं, चाहे वो किसी भी परिस्थिति में गेंद थमाने की बात हो.

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