'तीसरे विश्व युद्ध के कगार पर मिडिल ईस्ट', ईरानी सांसद ने दी बड़ी चेतावनी, जानें क्यों किया ऐसा दावा

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक ईरानी सांसद ने तीसरे विश्व युद्ध को लेकर बड़ी चेतावनी दी है. तेहरान से सांसद कामरान गजानफरी ने कहा कि मौजूदा हालात में मिडिल ईस्ट तीसरे विश्व युद्ध के कगार पर पहुंच गया है.

Middle East on the brink of World War III Iranian MP issues warning
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक ईरानी सांसद ने तीसरे विश्व युद्ध को लेकर बड़ी चेतावनी दी है. तेहरान से सांसद कामरान गजानफरी ने कहा कि मौजूदा हालात में मिडिल ईस्ट तीसरे विश्व युद्ध के कगार पर पहुंच गया है. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, गजानफरी ने यह बात ईरानियन लेबर न्यूज एजेंसी को दिए एक इंटरव्यू में कही.

ईरानी सांसद ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बढ़ते दायरे और दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच बढ़ रहे तनाव को बड़े युद्ध की वजह बताया. उनका कहना है कि अलग-अलग मोर्चों पर बढ़ता टकराव हालात को और गंभीर बना सकता है.

ईरानी सांसद की चेतावनी के मायने

गजानफरी की यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है. उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर भी चिंता जताई. उनका कहना है कि रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन को NATO का समर्थन मिल रहा है, जबकि ब्रिटेन और जर्मनी के साथ मॉस्को का तनाव भी बढ़ रहा है. ऐसे में इस संघर्ष के यूरोप के दूसरे देशों तक फैलने का खतरा बढ़ सकता है.

गजानफरी की बातों से यह भी संकेत मिलता है कि ईरान के कट्टरपंथी नेता और IRGC के बड़े अधिकारी मौजूदा संघर्ष को सिर्फ क्षेत्रीय लड़ाई के तौर पर नहीं देख रहे हैं, बल्कि इसे बड़े वैश्विक टकराव की शुरुआत मान रहे हैं.

अमेरिका के साथ समझौते का विरोध

गजानफरी अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपने सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं. वह पहले भी अमेरिका के साथ किसी समझौते का विरोध कर चुके हैं. इसी साल जून में उन्होंने अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते (MoU) की आलोचना की थी.

उन्होंने कहा था कि अमेरिका के साथ होने वाले किसी भी समझौते की वैधता पर सवाल रहेगा. उन्होंने बातचीत में शामिल ईरानी टीम को भी चेतावनी दी थी कि वह सुप्रीम लीडर की तय की गई रेड लाइन को पार न करे.

गजानफरी का आरोप था कि अमेरिका ईरान और उसकी बातचीत करने वाली टीम को कई बार धमकी दे चुका है. ऐसे माहौल में होने वाले किसी भी समझौते को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वैध नहीं माना जा सकता.

गजानफरी इससे पहले भी अमेरिका और इजरायल के बड़े सैन्य अभियानों को लेकर चेतावनी दे चुके हैं. उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका ईरान के द्वीपों पर कब्जा करने की कोशिश कर सकता है.