'मेरी बात मान ली होती तो आज PM होते...' रामदास आठवले ने पुरानी सलाह याद दिलाते हुए शरद पवार को दिया NDA का ऑफर

Maharashtra Politics: रामदास आठवले ने शरद पवार को दिया NDA में आने का न्योता, बोले- देश और महाराष्ट्र को मिलेगा उनके अनुभव का लाभ

Maharashtra Politics Ramdas Athawale extends NDA offer to Sharad Pawar recalling past advice
Image Source: Internet

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है. केंद्रीय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) के प्रमुख रामदास आठवले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने का खुला प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा कि पवार का लंबा राजनीतिक अनुभव सरकार और देश के लिए उपयोगी साबित हो सकता है.

'शरद पवार अनुभवी नेता हैं'

रामदास आठवले ने कहा कि शरद पवार देश के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं. उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीति से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. आठवले का मानना है कि यदि शरद पवार एनडीए का हिस्सा बनते हैं तो उनके अनुभव का लाभ सरकार को मिलेगा और विकास कार्यों को भी मजबूती मिलेगी.

पुराने राजनीतिक रिश्तों का भी किया जिक्र

अपने बयान के दौरान आठवले ने शरद पवार के साथ पुराने राजनीतिक संबंधों को भी याद किया. उन्होंने कहा कि जब वे पवार के साथ काम कर रहे थे, तब उन्होंने उन्हें कांग्रेस में विलय करने की सलाह दी थी. आठवले ने यह भी कहा कि यदि उस समय उनकी सलाह मान ली जाती, तो राजनीतिक परिस्थितियां अलग हो सकती थीं और शरद पवार देश के प्रधानमंत्री बनने की स्थिति में भी पहुंच सकते थे.

विपक्ष में सक्रिय हैं शरद पवार

वर्तमान में शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी का हिस्सा है. पार्टी राज्य में भाजपा और महायुति सरकार के खिलाफ सक्रिय राजनीतिक भूमिका निभा रही है. ऐसे समय में एनडीए में शामिल होने का आठवले का सार्वजनिक प्रस्ताव राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है.

अब तक नहीं आई शरद पवार की प्रतिक्रिया

रामदास आठवले के बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी तक शरद पवार या उनकी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

बढ़ सकती हैं राजनीतिक चर्चाएं

महाराष्ट्र में बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच इस तरह का बयान कई नए सवाल खड़े कर रहा है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस प्रस्ताव का भविष्य क्या होगा, लेकिन आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और चर्चाएं तेज होने की संभावना जताई जा रही है.

ये भी पढ़ें- ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर बरसाईं मिसाइलें, जवाब में ट्रंप का ताबड़तोड़ हमला... सैटेलाइट तस्वीरों में दिखी तबाही