Magh Mela: मौनी अमावस्या पर संगम में करोड़ों लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी; श्रद्धालुओं पर हुई फूलों की बारिश

Mauni Amavasya Sangam Snan: माघ मेले के तीसरे और सबसे प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर प्रयागराज के संगम में आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला. तड़के भोर से ही करोड़ों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए संगम तट पर उमड़ पड़े.

Magh Mela prayagraj Crores of people took a dip of faith in Sangam on Mauni Amavasya
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Mauni Amavasya Sangam Snan: माघ मेले के तीसरे और सबसे प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर प्रयागराज के संगम में आस्था का अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला. तड़के भोर से ही करोड़ों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए संगम तट पर उमड़ पड़े. मेला प्रशासन के अनुसार, शाम चार बजे तक तीन करोड़ 82 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके थे, जबकि दिन के अंत तक यह संख्या पांच करोड़ के पार जाने का अनुमान जताया गया है.

आधी रात से घने कोहरे की चादर छाई रही, लेकिन श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था में कोई कमी नहीं दिखी. रात 12 बजे के बाद ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था. संगम सहित सभी प्रमुख घाटों पर स्नान की समुचित व्यवस्था की गई थी, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से पवित्र डुबकी लगा सकें. सुबह के शुरुआती घंटों तक हर दिशा से श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी रहा.

प्रशासन और पुलिस पूरी तरह मुस्तैद

मौनी अमावस्या के मद्देनजर मेला क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे. गृह सचिव मोहित गुप्ता खुद मेले की निगरानी करते नजर आए. उनके साथ कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी लगातार मैदान में मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए थे. भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए विशेष इंतजाम किए गए.

संगम पर फूलों की बारिश से श्रद्धालु भावविभोर

मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर संगम में स्नान करने पहुंचे श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गईं. फूलों की बारिश से पूरा संगम क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूब गया और श्रद्धालु भावविभोर हो उठे. इस दौरान घाटों पर मौजूद भारी भीड़ ने आस्था और श्रद्धा का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया.

मुख्यमंत्री योगी ने दी शुभकामनाएं

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौनी अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने सोशल मीडिया पर संदेश साझा करते हुए संगम स्नान के लिए आए सभी अखाड़ों, धर्माचार्यों, संतों, साधकों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने मां गंगा और भगवान सूर्य से सभी के जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और संकल्प की कामना की और सभी की मनोकामनाएं पूर्ण होने की प्रार्थना की.

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बताया कि घने कोहरे के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम घाट पहुंच रहे हैं. उन्होंने कहा कि पूरे क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है और दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं.

पिछले स्नान पर्वों में भी उमड़ी थी भारी भीड़

इससे पहले मकर संक्रांति के अवसर पर करीब 1.03 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में स्नान किया था, जबकि एकादशी के दिन लगभग 85 लाख श्रद्धालु पवित्र डुबकी लगाने पहुंचे थे. मौनी अमावस्या पर श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या ने माघ मेले को ऐतिहासिक बना दिया है.

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