Gwalior Girl Kidnap: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में लॉ कॉलेज की छात्रा के सनसनीखेज अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. कैंसर पहाड़ी इलाके के पास से दिनदहाड़े अगवा की गई लॉ सेकेंड ईयर की छात्रा को ग्वालियर पुलिस ने करीब 30 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया. इस मामले में मुख्य आरोपी दीपू तोमर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने पूरे ऑपरेशन को “हॉट परसूट” नाम दिया था.
इस हाई प्रोफाइल ऑपरेशन में पुलिस को लगातार कई राज्यों में दबिश देनी पड़ी. जांच टीमों ने 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, 50 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की और मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में लगातार छापेमारी की. आखिरकार पुलिस ने आरोपी और छात्रा को उस समय पकड़ लिया, जब वे बस से लखनऊ से इंदौर की ओर जा रहे थे. ग्वालियर पुलिस की टीम ने कानपुर और उरई के बीच पहले से घेराबंदी कर दोनों को हिरासत में ले लिया.
कॉलेज से लौटते वक्त हुआ था अपहरण
यह घटना बुधवार 6 मई की बताई जा रही है. जानकारी के मुताबिक, छात्रा अपनी सहेलियों के साथ महात्मा गांधी लॉ कॉलेज से घर लौट रही थी. उसी दौरान कैंसर पहाड़ी के पास आरोपी दीपू तोमर कार लेकर पहुंचा और फिल्मी अंदाज में छात्रा को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छात्रा लगातार “बचाओ-बचाओ” चिल्लाती रही, लेकिन आरोपी तेजी से उसे लेकर फरार हो गया. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. छात्रा की मां ने कंपू थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी का अपहरण जीतू उर्फ दीपू तोमर नाम के युवक ने सफेद रंग की बलेनो कार से किया है. शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
एसएसपी ने चुनौती की तरह लिया मामला
ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह ने इस केस को बेहद गंभीरता से लिया और तुरंत बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की. मामले की जांच के लिए करीब 20 टीमों का गठन किया गया. ऑपरेशन की कमान आईपीएस अधिकारी और एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल को सौंपी गई.
इसके अलावा सीएसपी इंद्रगंज रोबिन जैन और कंपू थाना प्रभारी अमर सिकरवार की टीमों को भी अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं. पुलिस की टीमें ग्वालियर के अलावा झांसी, दतिया, शिवपुरी, जालौन, कानपुर और लखनऊ समेत कई इलाकों में सक्रिय रहीं.
500 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले गए
पुलिस ने इस मामले में तकनीकी जांच पर खास जोर दिया. ग्वालियर, झांसी, दतिया, शिवपुरी और कानपुर समेत कई शहरों के 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई.
इसके साथ ही आधा दर्जन तकनीकी टीमों को मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल डेटा के विश्लेषण में लगाया गया. पुलिस लगातार आरोपी की मूवमेंट ट्रैक करती रही. जांच में सामने आया कि आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, ताकि पुलिस को चकमा दे सके.
हर कुछ घंटे में बदल रहा था ठिकाना
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था. वह कुछ-कुछ घंटों में अपने ठिकाने बदल रहा था और पहचान छिपाने के लिए बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ी का इस्तेमाल कर रहा था.
हालांकि पुलिस ने लगातार पीछा जारी रखा और “ऑपरेशन हॉट परसूट” के तहत आरोपी के हर संभावित ठिकाने तक पहुंचती रही. आखिरकार गुरुवार रात पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कानपुर और उरई के बीच आरोपी दीपू तोमर को दबोच लिया. छात्रा भी उसके कब्जे से सुरक्षित बरामद कर ली गई.
आरोपी के पास से अवैध पिस्टल बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक अवैध पिस्टल भी बरामद की है. इसके अलावा अपहरण में इस्तेमाल की गई बलेनो कार को उत्तर प्रदेश के जालौन इलाके से बरामद किया गया है. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी को किसी और का सहयोग मिला था या नहीं.
पुलिस को गुमराह करने के लिए जारी किया वीडियो
गुरुवार दोपहर आरोपी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था. वीडियो में छात्रा उसके बगल में बैठी दिखाई दे रही थी. वीडियो में आरोपी दावा कर रहा था कि उसने कोई अपहरण नहीं किया है और छात्रा के साथ उसका पिछले दो साल से संबंध है.
उसने कहा कि पिछले एक महीने से दोनों के बीच गलतफहमी चल रही थी, इसलिए वह छात्रा को अपने साथ लेकर आया. पुलिस का मानना है कि यह वीडियो जांच एजेंसियों और लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से जारी किया गया था.
पहले भी दर्ज हो चुका था मामला
जानकारी के मुताबिक, छात्रा ने कुछ समय पहले इसी युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. उसने आरोपी पर पीछा करने, धमकाने, शादी के लिए दबाव बनाने और छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगाए थे.
उस मामले में पुलिस ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा था. हालांकि कुछ समय पहले ही वह जमानत पर बाहर आया था. जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ने दिनदहाड़े छात्रा का अपहरण कर पूरे इलाके में सनसनी फैला दी.
कई एंगल से जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है. आरोपी से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस वारदात में और लोग भी शामिल थे. पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और आरोपी से पूछताछ के आधार पर जल्द ही मामले में और खुलासे हो सकते हैं.
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