लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में एक मासूम के साथ हुई दिल दहला देने वाली घटना ने इलाके भर में आक्रोश फैला दिया है. एक लापरवाह ड्राइवर की वजह से सड़क पर खेल रहा सिर्फ साढ़े पांच साल का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया. लेकिन इस हादसे के बाद पुलिस की सुस्त कार्रवाई ने मामले को और भी दुखद बना दिया.
खेलते-खेलते सड़क पर आया बच्चा, कार ने रौंदा
हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चा घर के बाहर खेलते हुए गलती से सड़क पर आ गया. इसी दौरान एक पड़ोसी की कार ने उसे टक्कर मार दी. टक्कर इतनी तेज थी कि बच्चा बुरी तरह घायल हो गया और उसे तत्काल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया. तीन दिनों तक वह ज़िंदगी और मौत के बीच जूझता रहा, वहीं उसका परिवार हर पल दुआ करता रहा.
पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल
घटना के बाद परिजनों ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई. चौंकाने वाली बात यह है कि हादसे के आठ दिन बीत जाने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की. परिजनों का आरोप है कि जब तक उन्होंने CCTV फुटेज पेश नहीं किया, तब तक पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया.
CCTV वीडियो बना सबूत
मामले में तब हलचल मची जब एक CCTV वीडियो सामने आया, जिसमें पूरी घटना स्पष्ट रूप से कैद थी. इस वीडियो के आधार पर ही पुलिस ने आखिरकार कार्रवाई शुरू की. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कार चालक ने उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की, जिससे वे केस को आगे न बढ़ाएं.
लखनऊ में बच्चों के ऊपर कार चढ़ाई... CCTV: एक की पसलियां टूटीं, 3 दिन ICU में रहा; ड्राइवर ने घर बुलाकर पिता-दादा को धमकाया https://t.co/FsAzwrZcLD pic.twitter.com/huqhNERkPb
— आदित्य तिवारी / Aditya Tiwari (@aditytiwarilive) August 19, 2025
स्थानीय लोगों में गुस्सा
घटना के बाद से स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है. उनका कहना है कि अगर इतनी गंभीर दुर्घटना के बाद भी पुलिस को हरकत में आने में आठ दिन लगते हैं, तो आम जनता खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करे? इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि लापरवाह पुलिसिया रवैया मासूमों की ज़िंदगी पर कितना भारी पड़ सकता है.
ये भी पढ़ें: लोन ऐप के जाल में फंसाकर 101 करोड़ की ठगी, क्रिप्टो में बदलकर विदेश भेजे पैसे; बलरामपुर से बाप-बेटे गिरफ्तार