लोन ऐप के जाल में फंसाकर 101 करोड़ की ठगी, क्रिप्टो में बदलकर विदेश भेजे पैसे; बलरामपुर से बाप-बेटे गिरफ्तार

Balrampur News: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने लोनिंग एप्लीकेशन और क्रिप्टो करेंसी के जरिए भारी रकम की धोखाधड़ी की है.

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Balrampur News: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने लोनिंग एप्लीकेशन और क्रिप्टो करेंसी के जरिए भारी रकम की धोखाधड़ी की है. दो आरोपी पिता-पुत्र गोलू कुमार और भूषण कुमार चौधरी को गिरफ्तार किया गया है, जिन पर कुल 101 करोड़ 34 लाख रुपये से अधिक की ठगी का आरोप है. दोनों आरोपी बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासन, मोतिहारी के रहने वाले हैं.

लोन एप के बहाने धोखाधड़ी का बड़ा खेल

पुलिस को सूचना मिली कि बलरामपुर जिले के थाना ललिया क्षेत्र में कुछ शातिर लोग लोनिंग ऐप के माध्यम से आम जनता को ठग रहे हैं. जांच में पता चला कि ये आरोपी एक बड़ा साइबर फ्रॉड रैकेट चला रहे हैं, जो आसानी से मिलने वाले लोन का झांसा देकर लोगों के पैसे हड़पते थे. शुरुआती कार्रवाई में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, लेकिन दो आरोपी फरार चल रहे थे, जिन्हें अब दबोच लिया गया है.

क्रिप्टो करेंसी में पैसा भेजकर बनाया नेटवर्क

पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि गिरोह के सदस्य छह अलग-अलग आईडी का इस्तेमाल करते थे, जिनमें पांच भारतीय और एक नेपाल की आईडी थी. ठगी के पैसे को ये लोग बाइनेंस नामक क्रिप्टो करेंसी प्लेटफॉर्म पर USDT में बदलते थे और फिर विदेशी खातों में ट्रांसफर कर देते थे. गोलू कुमार और भूषण कुमार की आईडी से सबसे ज्यादा ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड हुए हैं. पुलिस अब बाकी आईडी के भी वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है.

101 करोड़ से अधिक का साइबर फ्रॉड

पुलिस ने बताया कि इस गिरोह द्वारा अब तक 101 करोड़ 34 लाख रुपये की ठगी सामने आई है, और जांच के बाद यह रकम और बढ़ भी सकती है. फिलहाल दोनों आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के बाद गहराई से जांच की जा रही है.

सावधानी और सतर्कता की अपील

एसपी विकास कुमार ने जनता से अपील की है कि वे संदिग्ध लोनिंग एप्स और अनजान कॉल्स से सावधान रहें. किसी भी तरह की धोखाधड़ी की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या साइबर हेल्पलाइन को दें. पुलिस भी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि पूरे गिरोह का नेटवर्क उजागर हो सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो.  

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