लखनऊ छावनी क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने के लिए रविवार, 30 अगस्त 2026 को बड़ा कदम उठाया गया. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 14 विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन किया.
इनमें राज्य सरकार के सहयोग से लागू होने वाली दो परियोजनाएं भी शामिल हैं. इन योजनाओं का फोकस जल आपूर्ति, स्वास्थ्य, शिक्षा, खेल, स्वच्छता, पार्किंग और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ छावनी क्षेत्र के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है. इस दौरान राजनाथ सिंह ने करीब 4,000 लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को भी सुना.
पानी और स्वच्छता व्यवस्था होगी आधुनिक
लखनऊ छावनी में प्रस्तावित परियोजनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र और आधुनिक श्मशान घाट शामिल हैं. इसके अलावा 1,500 किलोलीटर क्षमता का भूमिगत जलाशय, पुरानी जल आपूर्ति पाइपलाइन को बदलने, एससीएडीए ऑटोमेशन के साथ आठ ट्यूबवेल बनाने और एससीएडीए प्रणाली से जुड़े ओवरहेड टैंक के निर्माण की योजना है. इन परियोजनाओं के जरिए पानी की आपूर्ति को अधिक प्रभावी बनाने के साथ स्वच्छता और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को आधुनिक किया जाएगा.
शिक्षा और खेल सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा
विकास योजनाओं में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष विद्यालय बनाने का प्रावधान भी है. आरए बाजार माध्यमिक विद्यालय और रेनबो मॉडल स्कूल में अतिरिक्त कक्षाओं और शौचालयों का निर्माण किया जाएगा. इसके साथ ही बहुउपयोगी खेल परिसर विकसित किया जाएगा, जिससे बच्चों और युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकें. इन परियोजनाओं का उद्देश्य छावनी क्षेत्र में शिक्षा और खेल के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है.
रोबोटिक पार्किंग से लेकर पर्यावरण प्रबंधन तक
छावनी क्षेत्र में बढ़ती पार्किंग समस्या को देखते हुए बहुस्तरीय रोबोटिक कार पार्किंग और वाणिज्यिक परिसर भी विकसित किया जाएगा. इसके अलावा विरासत अपशिष्ट के जैव-खनन और जैव-उपचार की परियोजना शुरू की जाएगी. इन योजनाओं से पार्किंग, व्यावसायिक गतिविधियों और पर्यावरण प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है. कुल मिलाकर 14 परियोजनाएं लखनऊ छावनी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं और शहरी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं.
क्या बोले राजनाथ सिंह और सीएम योगी?
इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि ये प्रोजेक्ट्स सिर्फ कंस्ट्रक्शन के कामों से कहीं ज्यादा हैं और कैंटोनमेंट के भविष्य के लिए एक कमिटमेंट हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग से डेवलपमेंट को तेज करने में मदद मिली है. उन्होंने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स में एक साफ कैंटोनमेंट, बेहतर पानी की सप्लाई, बच्चों के लिए बेहतर पढ़ाई के मौके, युवाओं के लिए बेहतर खेल की सुविधाएं, हेल्थकेयर, मॉडर्न टेक्नोलॉजी और बेहतर ट्रैफिक और पार्किंग मैनेजमेंट शामिल हैं.
वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 20 साल पहले, लखनऊ रेलवे स्टेशन पर एक बोर्ड लगा होता था, जिस पर लिखा होता था, मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं, लेकिन फिर, लखनऊ में ट्रैफिक जाम, तंग गलियां और गंदगी देखकर, लोग मुस्कुराने के बजाय रोने को मजबूर हो जाते थे.” उन्होंने कहा कि लखनऊ ने अब अपनी विरासत को बनाए रखते हुए एक मॉडर्न स्मार्ट सिटी के तौर पर नई पहचान बनाई है.
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