'कल लूंगा फैसला', Lok Sabha Election 2024 के लिए कांग्रेस की प्रचार लिस्ट से नाम हटाने पर बोले संजय निरुपम  

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, "स्टार प्रचारकों में उनका (संजय निरुपम) नाम था, जिसे रद्द कर दिया गया है. वह जिस तरह के बयान दे रहे हैं, उस पर कार्रवाई की जाएगी."

'कल लूंगा फैसला', Lok Sabha Election 2024 के लिए कांग्रेस की प्रचार लिस्ट से नाम हटाने पर बोले संजय निरुपम  
कांग्रेस नेता संजय निरूपम मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान | फोटो- ANI

मुंबई : कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने बुधवार को कहा कि वह कल फैसला लेंगे कि वह कांग्रेस पार्टी में बने रहेंगे या इसे छोड़ देंगे, क्योंकि लोकसभा चुनाव के लिए सीटों के बंटवारे को लेकर सबसे पुरानी पार्टी ने इंडिया ब्लॉक के पार्टनर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे, UBT) के खिलाफ उनकी हालिया टिप्पणियों के लिए स्टार प्रचारक की सूची से उनका नाम हटा दिया है. 

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा, "स्टार प्रचारकों में उनका (संजय निरुपम) नाम था, जिसे रद्द कर दिया गया है. वह जिस तरह के बयान दे रहे हैं, उस पर कार्रवाई की जाएगी."

यह निर्णय आज तिलक भवन में आयोजित प्रदेश कांग्रेस कमेटी की बैठक में लिया गया.

कांग्रेस के ऐलान के तुरंत बाद संजय निरुपम ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि वह कल पार्टी छोड़ने का फैसला खुद लेंगे.

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निरुपम बोले- कांग्रेस खुद को बचाने में खर्च करे ऊर्जा

"कांग्रेस पार्टी को मेरे लिए ज्यादा ऊर्जा और स्टेशनरी बर्बाद नहीं करनी चाहिए. इसके बजाय, इसका इस्तेमाल पार्टी को बचाने के लिए करें. वैसे भी, पार्टी गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है. मैंने जो एक सप्ताह का समय दिया था वह आज पूरा हो गया है. उन्होंने कहा, कल ''मैं खुद फैसला लूंगा.''

संजय निरुपम की नाराजगी की ये है वजह

संजय निरुपम मुंबई उत्तर पश्चिम सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक थे, लेकिन सीट बंटवारे के बाद यह सीट शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार अमोत कीर्तिकर के पास चली गई.

आगामी लोकसभा चुनावों के लिए महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) द्वारा अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के कुछ घंटों बाद, जिसमें मुंबई उत्तर पश्चिम संसदीय क्षेत्र से अमोल कीर्तिकर का नाम शामिल है, कांग्रेस नेता संजय निरुपम ने सेना को "अतिवादी रुख" अपनाने के लिए चेतावनी दी और सुझाव दिया कि उनके साथ कांग्रेस पार्टी का गठबंधन "आत्म-घातक" साबित हो सकता है.

शिवसेना के खिलाफ इस बयान से कांग्रेस ने उठाया सख्त कदम

इसको लेकर मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "शिवसेना को अतिवादी रुख नहीं अपनाना चाहिए. इससे कांग्रेस को भारी नुकसान होगा. मैं कांग्रेस नेतृत्व का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि वे हस्तक्षेप करे, यदि नहीं तो पार्टी को बचाने के लिए गठबंधन तोड़ दें. शिवसेना के साथ गठबंधन का निर्णय कांग्रेस के लिए आत्मघाती साबित होगा और इसका असर महाराष्ट्र और उसके बाहर भी महसूस किया जाएगा."

अपने भविष्य के कदम के बारे में बोलते हुए निरुपम ने कहा, "अब मेरे लिए सभी विकल्प खुले हैं. मैं एक सप्ताह तक इंतजार करूंगा और अपना फैसला लूंगा."

2009 में लोकसभा में मुंबई उत्तर का प्रतिनिधित्व करने वाले निरुपम ने कहा कि मुंबई में उम्मीदवार उतारने का शिवसेना का फैसला कांग्रेस को किनारे करने के लिए है.

राज्य, अपनी 48 लोकसभा सीटों के साथ, उत्तर प्रदेश के बाद संसद के निचले सदन में दूसरा सबसे बड़ा योगदान देती है.

2019 के लोकसभा चुनावों में, भाजपा ने लड़ी गई 25 सीटों में से 23 सीटें जीती थीं, जबकि अविभाजित शिवसेना ने 23 में से 18 सीटें हासिल की.

विपक्षी गठबंधन का हिस्सा अविभाजित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने 19 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 4 पर जीत हासिल की थी.

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