दिल्ली में 11 अक्टूबर को होगा ‘टीपीएफ दायित्व’ राष्ट्रीय विधिक सम्मेलन, सफेदपोश अपराधों से निपटने पर होगा मंथन

यह उच्च-प्रभावी और समाधान-उन्मुख मंच मुख्य वक्तव्यों और विशेषज्ञ पैनल चर्चाओं के माध्यम से सफेदपोश अपराधों (व्हाइट कॉलर क्राइम) से जुड़ी गंभीर चुनौतियों पर केंद्रित होगा. इसमें बैंकिंग और कॉरपोरेट धोखाधड़ी, साइबर अपराध, कर चोरी, इनसाइडर ट्रेडिंग और नियामकीय खामियों जैसे मुद्दों पर विचार होगा.

Law Minister Meghwal to lead discussions on strategies to curb white-collar crimes on Oct 11
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत 2047 की परिकल्पना, जो पारदर्शिता, आत्मनिर्भरता, नवाचार और नागरिक सशक्तिकरण पर आधारित है, से प्रेरित होकर देश के 11,000 से अधिक पेशेवरों के राष्ट्रीय मंच ‘तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम’ (टीपीएफ) ने आगामी 11 अक्टूबर 2025 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में ‘टीपीएफ दायित्व: सफेदपोश अपराधों से मुकाबला के लिए राष्ट्रीय विधिक सम्मेलन’ आयोजित करने का निर्णय लिया है.

इस विधिक सम्मेलन केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल के शामिल होने की संभावना है. उनके साथ कई अन्य विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहेंगे, जिनमें शामिल हैं- हर्ष मल्होत्रा, राज्य मंत्री (कॉरपोरेट कार्य, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग); न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश; आशीष कुमार चौहान, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज; डॉ. एम. एस. साहू, पूर्व अध्यक्ष, दिवाला एवं शोधन अक्षमता बोर्ड ऑफ इंडिया; और राकेश अस्थाना, पूर्व विशेष निदेशक, सीबीआई एवं पूर्व पुलिस आयुक्त, दिल्ली. सम्मेलन में सुप्रीम कोर्ट और उच्च न्यायालयों के वर्तमान एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, अटॉर्नी जनरल, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल्स, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न नियामक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बैंकिंग विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया गया है.

यह उच्च-प्रभावी और समाधान-उन्मुख मंच मुख्य वक्तव्यों और विशेषज्ञ पैनल चर्चाओं के माध्यम से सफेदपोश अपराधों (व्हाइट कॉलर क्राइम) से जुड़ी गंभीर चुनौतियों पर केंद्रित होगा. इसमें बैंकिंग और कॉरपोरेट धोखाधड़ी, साइबर अपराध, कर चोरी, इनसाइडर ट्रेडिंग और नियामकीय खामियों जैसे मुद्दों पर विचार होगा. सम्मेलन का उद्देश्य कड़े प्रवर्तन तंत्र, बेहतर अनुपालन संस्कृति और व्यक्तिगत जवाबदेही के लिए ठोस रास्ते सुझाना है.

सम्मेलन में वरिष्ठ वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी, कॉस्ट अकाउंटेंट, शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं अन्य हितधारक शामिल होंगे. साथ ही यह सम्मेलन प्रतिभागियों से अपेक्षा करेगा कि वे स्वयं को एक संभावित राष्ट्रीय व्हिसलब्लोअर समूह के रूप में देखें.

इस पहल के बारे में टीपीएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिम्मत जैन ने बताया, ‘सफेदपोश अपराध केवल आर्थिक अपराध नहीं है; यह नैतिकता का उल्लंघन है, जो जनता के विश्वास को तोड़ता है. ‘टीपीएफ दायित्व हमारी अंतरात्मा को जगाने का आह्वान है. यदि हम अपनी व्यवस्था में विश्वास, नागरिक कर्तव्यों की जागरूकता और व्यक्तिगत ईमानदारी को मजबूत करें, तो हम सामूहिक व्हिसलब्लोअर्स के राष्ट्र के रूप में उभर सकते हैं, जो सफेदपोश अपराधों के खिलाफ एकजुट खड़े हों.’

इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, टीपीएफ के राष्ट्रीय संयोजक एडवोकेट राजकुमार नहाटा ने कहा: ‘हमारा उद्देश्य पेशेवर उत्कृष्टता को नैतिक जिम्मेदारी से जोड़ना है. कानून और संस्थाएं महत्वपूर्ण हैं, परंतु उन्हें व्यक्तिगत कर्तव्य से सुदृढ़ किया जाना चाहिए. ‘टीपीएफ दायित्व’ में हम विविध पेशेवर आवाज़ों को एकजुट करेंगे, ताकि एक विश्वसनीय और ठोस रोडमैप तैयार किया जा सके, जो सफेदपोश अपराधों को रोकने और भारत की विकास गाथा की ईमानदारी की रक्षा करने में सहायक हो और इस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘विकसित भारत 2047’  की परिकल्पना को आगे बढ़ाया जा सके.’

टीपीएफ के बारे में

तेरापंथ प्रोफेशनल फोरम (टीपीएफ) नैतिक आचरण, ज्ञान-विनिमय और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देता है. देश के 11,000 से अधिक पेशेवरों का यह राष्ट्रीय मंच ‘टीपीएफ दायित्व जैसी पहलों के माध्यम से पारदर्शिता, जवाबदेही और जन-विश्वास को सुदृढ़ करने का कार्य करता है.

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