कृष का गाना सुनेगा... कौन है सोशल मीडिया पर वायरल 'धूम'? कूड़ा बीनने वाले को अब दुबई से आ रहे ऑफर

    झारखंड के जमशेदपुर की गलियों में कभी कूड़ा बीनकर जीवन गुजारने वाला एक अनाथ बच्चा आज सोशल मीडिया पर लाखों लोगों की जुबान पर है.

    Krrish Ka gaana Sunega Who is Dhoom viral on social media
    Image Source: Social Media

    Krrish Ka gaana Sunega: झारखंड के जमशेदपुर की गलियों में कभी कूड़ा बीनकर जीवन गुजारने वाला एक अनाथ बच्चा आज सोशल मीडिया पर लाखों लोगों की जुबान पर है. इंटरनेट की दुनिया में यह बच्चा ‘धूम’ के नाम से मशहूर हो चुका है. उसकी अलग अंदाज़ वाली आवाज़ और सहज गायकी ने लोगों को इस कदर आकर्षित किया कि हर प्लेटफॉर्म पर उसके गाने वायरल होने लगे.

    जहाँ भी मोबाइल उठाइए, किसी न किसी रील या वीडियो में धूम की आवाज़ सुनाई दे जाती है. देखते ही देखते वह सोशल मीडिया का नया हीरो बन गया. जैसे-जैसे उसकी लोकप्रियता बढ़ी, वैसे-वैसे यूट्यूबर्स और कंटेंट क्रिएटर्स की भीड़ उसके आसपास जमा होने लगी. हर कोई उसकी आवाज़ और चेहरे को अपने-अपने कंटेंट में इस्तेमाल करने लगा.

    ‘धूम’ नहीं, पिंटू है असली नाम

    सोशल मीडिया पर जिसे लोग धूम कहते हैं, उसका असली नाम पिंटू है. पिंटू लंबे समय तक कूड़ा बीनने और छोटे-मोटे मजदूरी के काम करके अपना पेट भरता था. बचपन से ही अनाथ होने के कारण उसका कोई सहारा नहीं था. सड़कों पर रहने और गलत संगत के चलते वह नशे की लत का शिकार भी हो गया था.

    हालांकि, किस्मत ने एक मोड़ लिया जब सोशल मीडिया पर वायरल हुए उसके वीडियो एक गैर सरकारी संस्था (NGO) तक पहुंचे. संस्था के लोगों ने महसूस किया कि अगर समय रहते पिंटू की मदद नहीं की गई, तो वह पूरी तरह नशे की गिरफ्त में चला जाएगा.

    NGO की पहल से बदली जिंदगी

    NGO के सदस्यों ने पिंटू को अपने संरक्षण में लेकर उसका इलाज शुरू किया. संस्था से जुड़े लोगों का कहना है कि जब पहली बार उन्होंने पिंटू से बात करने की कोशिश की, तो वह नशे के बिना सामान्य बातचीत भी नहीं कर पा रहा था. बावजूद इसके, टीम ने हार नहीं मानी और दोबारा प्रयास कर उसे सुरक्षित जगह पर लाया गया.

    आज पिंटू न सिर्फ नशे से दूर हो रहा है, बल्कि उसकी सेहत में भी धीरे-धीरे सुधार हो रहा है. उसकी बढ़ती लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दुबई से भी उसे बुलाने के ऑफर आने लगे हैं.

    अब पुरानी संगत से दूरी बना ली है – पिंटू

    NGO में रह रहे पिंटू से जब बातचीत की गई तो उसने बताया कि अब उसे वहां अच्छा लग रहा है. उसके शब्दों में, "यहां खाना अच्छा मिलता है. दूध, रोटी, चावल, चोखा, पावरोटी सब मिलता है. जूस भी पी लेते हैं."

    दोस्तों के बारे में पूछने पर उसने साफ कहा कि अब उसने अपनी पुरानी संगत से दूरी बना ली है. उसने कहा, "पहले जो दोस्त थे, वो कचरा बिनने वाले थे. उनके साथ रहने से फिर नशे में पड़ने का डर है. वो लोग ‘धूम-धूम’ बोलकर सुंघाने लगते हैं, जो बहुत खतरनाक होता है."

    मेहनत से नहीं भागता पिंटू

    पिंटू का कहना है कि वह काम से कभी पीछे नहीं हटेगा. पिंटू ने कहा, "काम करने में मैं अच्छा हूं. आप काम दीजिए, अगर मैं वो काम ठीक से नहीं करूंगा, तब आप बोलिएगा."

    उसने बताया कि उसने पहले दीवार तोड़ने जैसी मजदूरी भी की है, जहां दिनभर की मेहनत के बदले उसे बहुत कम पैसे दिए जाते थे और कई बार धोखा भी मिलता था. इसके बावजूद वह उसी में खुश रहने की कोशिश करता था.

    जब उससे पूछा गया कि उसने पहला गाना कौन सा गाया था, तो पिंटू को याद नहीं आया. गाना गाने के सवाल पर उसने फिलहाल मना कर दिया और कहा कि अभी उसका मन नहीं है.

    हमेशा नशे की हालत में रहता था – NGO संचालक

    NGO के संचालक प्रतीक कुमार ने बताया कि उन्हें धूम के बारे में जानकारी इंस्टाग्राम के जरिए मिली थी. उन्होंने कहा, "उसके वीडियो बहुत वायरल हो रहे थे. लेकिन हमने देखा कि वह हमेशा नशे की हालत में रहता है. लोग उसे 50-100 रुपये देकर उसका इस्तेमाल कर रहे थे, पर कोई उसकी जिंदगी सुधारने के बारे में नहीं सोच रहा था."

    उन्होंने बताया कि पिंटू को नशे के साथ-साथ गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी थीं.

    नशे के साथ गंभीर बीमारी भी

    NGO के अनुसार पिंटू को पीलिया (जॉन्डिस) और लीवर से जुड़ी समस्या थी. फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और कुछ मेडिकल जांच अभी बाकी हैं. संस्था का कहना है कि पिंटू सहयोग कर रहा है और धीरे-धीरे स्वस्थ हो रहा है.

    प्रतीक कुमार ने कहा, "किसी का अतीत उसे परिभाषित नहीं करता. आज वह क्या कर रहा है और आगे क्या करेगा, वही उसकी पहचान होनी चाहिए. अगर लोग उसके पुराने जीवन के आधार पर उसे जज करेंगे, तो सिर्फ ‘नशेड़ी’ या ‘चोर’ का टैग लगेगा, जो सही नहीं है."

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