Kolkata Hotel Fire: कोलकाता में हुए भीषण होटल अग्निकांड ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और होटल संचालन से जुड़े नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल ‘शिखा इन’ में बुधवार तड़के लगी आग ने देखते ही देखते भयावह रूप ले लिया. इस हादसे में एक बच्चे समेत कम से कम 9 लोगों की जान चली गई, जबकि छह अन्य लोग झुलसकर घायल हो गए. राहत की बात यह रही कि बचाव अभियान के दौरान करीब 60 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
कोलकाता होटल में आग | 19 अगस्त को जिस होटल 'शिखा इन' में आग लगी थी, उसके लीज़होल्डर अबू ज़फ़र को कल एंटाली मेन मार्केट से गिरफ़्तार किया गया। पूछताछ के लिए 2 कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है: कोलकाता पुलिस
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 20, 2026
हादसे के बाद अब पुलिस ने जांच तेज कर दी है. मामले में होटल के लीजहोल्डर अबू जफर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि होटल में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं और आग लगने के पीछे आखिर क्या वजह रही.
होटल अग्निकांड के बाद दो कर्मचारी हिरासत में
पुलिस के मुताबिक, 19 अगस्त को मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल ‘शिखा इन’ में भीषण आग लगी थी. घटना के बाद जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने होटल से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की. इसी क्रम में दो कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया है.
वहीं होटल के लीजहोल्डर अबू जफर को पुलिस ने एंटाली मेन मार्केट से गिरफ्तार किया. जांच एजेंसी अब उससे होटल के संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और आग लगने से पहले की परिस्थितियों को लेकर पूछताछ कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि होटल में आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे या नहीं.
तड़के दो बजे होटल में लगी थी आग
हादसा बुधवार तड़के करीब दो बजे हुआ. पुलिस को रात में न्यू मार्केट पुलिस स्टेशन के जरिए होटल में आग लगने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड तथा CESC के अधिकारियों को भी तत्काल अलर्ट किया गया.
आग तेजी से फैलने के कारण होटल में मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई. दमकल और बचाव दल ने काफी मशक्कत के बाद इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकाला. करीब 60 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन आग की चपेट में आने से नौ लोगों की मौत हो गई. हादसे में छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया.
नौ लोगों की मौत, पांच बांग्लादेशी नागरिक
इस अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान को लेकर भी जानकारी सामने आई है. बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमीशन के अनुसार, मृतकों में पांच बांग्लादेशी नागरिक शामिल थे. इनमें चार लोग एक ही परिवार के थे और कुश्तिया के रहने वाले बताए गए हैं, जबकि पांचवां मृतक ढाका का रहने वाला था.
मृतकों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल बताया गया है. वहीं तीन अन्य मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. हादसे में घायल छह बांग्लादेशी नागरिकों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.
एक ही परिवार के चार लोगों की मौत ने इस हादसे की भयावहता को और बढ़ा दिया है. पुलिस अब मृतकों की पहचान और हादसे से जुड़े अन्य तथ्यों को आधिकारिक रिकॉर्ड से मिलाने में जुटी है.
हादसे की जांच के लिए SIT गठित
होटल अग्निकांड की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले की विस्तृत जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT गठित की है. SIT आग लगने की वजह के साथ-साथ होटल में सुरक्षा इंतजाम, लाइसेंस, निर्माण व्यवस्था और प्रशासनिक अनुमति से जुड़े पहलुओं की भी जांच करेगी.
जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह पता लगाना होगा कि होटल में अग्निशमन सुरक्षा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं मौजूद थीं या नहीं. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि होटल जिस इमारत में संचालित हो रहा था, वहां इतने लोगों के ठहरने की अनुमति और जरूरी सुरक्षा प्रमाणपत्र उपलब्ध थे या नहीं.
तीन मंजिलों पर चल रहे थे करीब 10 होटल
घटनास्थल का दौरा करने वाली पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने होटल की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि इमारत की तीन मंजिलों पर करीब 10 होटल संचालित हो रहे थे.
बताया गया कि इन होटलों में छोटे-छोटे कमरे बनाए गए थे. मंत्री ने ऐसी व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि इस तरह से होटल चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती. इस बयान के बाद अब शहर के अन्य होटलों की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में आने की संभावना है.
वैध परमिट और फायर लाइसेंस की होगी जांच
हादसे के बाद प्रशासन ने कोलकाता में संचालित हो रहे होटलों के लाइसेंस और सुरक्षा मंजूरी को लेकर भी जांच की तैयारी शुरू कर दी है. सरकार की ओर से ऐसी व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है, जिसमें यह पता लगाया जाएगा कि होटल संचालकों के पास वैध परमिट और फायर लाइसेंस हैं या नहीं.
इस जांच का उद्देश्य केवल इस हादसे की वजह पता करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना भी है. खासतौर पर भीड़भाड़ वाले इलाकों में छोटी इमारतों के भीतर कई होटल चलने की व्यवस्था पर प्रशासन की नजर रहेगी.
हादसे ने होटल सुरक्षा पर खड़े किए सवाल
कोलकाता के इस अग्निकांड ने एक बार फिर होटल और गेस्टहाउस में अग्नि सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जब एक ही इमारत में कई होटल संचालित हों और कम जगह में बड़ी संख्या में लोग ठहरते हों, तब आग जैसी आपात स्थिति में बाहर निकलने का रास्ता सबसे अहम हो जाता है.
ऐसे में होटल संचालकों की जिम्मेदारी के साथ स्थानीय प्रशासन की निगरानी भी महत्वपूर्ण हो जाती है. अब SIT की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हादसे के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं और सुरक्षा नियमों के पालन में कहां चूक हुई.
फिलहाल पुलिस ने होटल के लीजहोल्डर को गिरफ्तार कर लिया है और दो कर्मचारियों से पूछताछ जारी है. SIT की जांच और आगे सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर इस मामले में और कार्रवाई की संभावना बनी हुई है.
ये भी पढ़ें- Tarapith Hotel Fire: पश्चिम बंगाल के तारापीठ में बड़ा हादसा, होटल में लगी भीषण आग, 6 की मौत... कई घायल