खालिस्तानियों की गीदड़भभकी, अजीत डोभाल का नाम लेकर जारी किया वीडियो; पन्नू के साथ दिखा ये आतंकी

Khalistani Terrorist: कनाडा में गिरफ्तार किए गए खालिस्तानी समर्थक और प्रतिबंधित संगठन "सिख फॉर जस्टिस" (SFJ) से जुड़े इंद्रजीत सिंह गोसल को गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों के भीतर जमानत पर रिहा कर दिया गया है. रिहाई के बाद गोसल ने एक वीडियो के ज़रिए भारत सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए हैं.

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Image Source: Social Media/X

Khalistani Terrorist: कनाडा में गिरफ्तार किए गए खालिस्तानी समर्थक और प्रतिबंधित संगठन "सिख फॉर जस्टिस" (SFJ) से जुड़े इंद्रजीत सिंह गोसल को गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों के भीतर जमानत पर रिहा कर दिया गया है. रिहाई के बाद गोसल ने एक वीडियो के ज़रिए भारत सरकार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के खिलाफ भड़काऊ बयान दिए हैं. इस वीडियो में वह SFJ के कुख्यात महासचिव और घोषित आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के साथ दिखाई दे रहा है.

रिहाई के तुरंत बाद सामने आए वीडियो में गुरपतवंत सिंह पन्नू ने भारतीय एजेंसियों को ललकारते हुए कहा है कि अगर भारत सरकार में हिम्मत है तो वे उसे अमेरिका, कनाडा या यूरोप में गिरफ्तार करके दिखाएं. पन्नू ने वीडियो में कहा, "अजीत डोभाल, आप मेरी गिरफ्तारी की बातें करते हैं, तो आ जाइए किसी भी पश्चिमी देश में और कोशिश कर लीजिए... मैं तैयार बैठा हूं."

वीडियो में पन्नू ने दी खुली चुनौती

इस दौरान गोसल भी वीडियो में नजर आया और उसने कहा कि वह अब जेल से बाहर आ चुका है और पन्नू का समर्थन जारी रहेगा. साथ ही उसने यह भी घोषणा की कि 23 नवंबर को कनाडा के ओटावा में अगला 'खालिस्तान जनमत संग्रह' आयोजित किया जाएगा.

एनआईए की एफआईआर के बाद बढ़ी सक्रियता

यह बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब हाल ही में भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है. पन्नू पर आरोप है कि उसने इस साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाल किले पर झंडा फहराने से रोकने के लिए 11 करोड़ रुपये की पेशकश की थी. एजेंसी ने यह भी बताया है कि पन्नू लगातार भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने में जुटा है और भारत में अस्थिरता फैलाने की साजिशें रच रहा है.

गोसल की गिरफ्तारी: हथियारों के मामले में फंसा

इंद्रजीत सिंह गोसल को 19 सितंबर 2025 को कनाडा के ओशावा इलाके के पास गिरफ्तार किया गया था. उसके ऊपर अवैध हथियार रखने, हथियारों के साथ लापरवाही से बर्ताव करने और उन्हें छिपाकर रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. गोसल के साथ गिरफ्तार किए गए दो अन्य लोगों में शामिल हैं:

  • अरमान सिंह: 23 वर्ष, टोरंटो निवासी
  • जगदीप सिंह: 41 वर्ष, न्यूयॉर्क के पिकविले का निवासी

इन दोनों पर भी हथियारों से जुड़े आरोप लगाए गए हैं. हालांकि गिरफ्तारी के कुछ ही दिनों बाद गोसल को कोर्ट से जमानत मिल गई, जिससे वह एक बार फिर सक्रिय हो गया है और खालिस्तान समर्थक गतिविधियों में खुलकर हिस्सा ले रहा है.

गोसल को माना जा रहा निज्जर का उत्तराधिकारी

इंद्रजीत गोसल की गतिविधियों को लेकर खुफिया एजेंसियां लंबे समय से सतर्क थीं. जून 2023 में ब्रिटिश कोलंबिया (कनाडा) के सरे शहर में SFJ से जुड़े आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद खालिस्तानी सर्कल में गोसल को एक प्रमुख चेहरा माना जाने लगा है. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि निज्जर के मारे जाने के बाद, इंद्रजीत गोसल को SFJ में उसकी जगह लेने वाला अगला नेता माना जा रहा है.

गोसल खुद भी दावा कर चुका है कि उसे भारत सरकार के एजेंटों से जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं. कनाडा की पुलिस ने उसे सुरक्षा मुहैया कराने की पेशकश भी की थी, जिसे गोसल ने ठुकरा दिया. उसने कहा कि वह "डरकर छिपने वाला नहीं है."

नवंबर 2024 में मंदिर में हुई थी झड़प, तब भी हुआ था गिरफ्तार

पील क्षेत्रीय पुलिस ने नवंबर 2024 में गोसल को तब भी हिरासत में लिया था जब ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर में हुई एक हिंसक झड़प में उसका नाम सामने आया था. इस घटना के बाद से गोसल के खिलाफ कई निगरानियां बढ़ गई थीं. इसके बावजूद, वह SFJ के साथ अपने संबंधों को सार्वजनिक तौर पर उजागर करता रहा है.

भारत-कनाडा के रिश्तों पर फिर तनाव की आशंका

गोसल की गिरफ्तारी और फिर जमानत पर रिहाई, साथ ही पन्नू के साथ मिलकर भारत विरोधी बयानबाजी करने की घटनाएं भारत और कनाडा के बीच फिर से रिश्तों को तनावपूर्ण बना सकती हैं. खासकर तब, जब कुछ ही दिन पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और कनाडा की एनएसए नथाली जी ड्रौइन के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक हुई थी, जिसमें दोनों देशों ने आतंकवाद और ट्रांसनैशनल क्राइम के खिलाफ सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई थी.

लेकिन गोसल की गिरफ्तारी और फिर उसकी बेल के बाद, जिस प्रकार से वह फिर से खालिस्तानी गतिविधियों में सक्रिय हो गया है, उसे लेकर भारत में नाराजगी है और कई स्तरों पर राजनयिक प्रतिक्रिया की संभावना जताई जा रही है.

अब आगे क्या?

SFJ और उसके नेता लगातार भारत के खिलाफ अलगाववादी एजेंडे को हवा देते आ रहे हैं. पन्नू जैसे घोषित आतंकियों की सार्वजनिक धमकियाँ और गोसल जैसे सहयोगियों की गतिविधियाँ कनाडा में भारत विरोधी नेटवर्क के विस्तार का संकेत देती हैं. आने वाले दिनों में भारत की एजेंसियाँ इन घटनाओं को लेकर और भी आक्रामक कूटनीतिक और कानूनी रुख अपना सकती हैं.

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