Ketan Murder Case: सिया नहीं, चेतन ने दिया था धक्का; लोहगढ़ किले पर क्राइम सीन रिक्रिएशन में हुआ बड़ा खुलासा

Ketan Agarwal Murder Case: पुणे के लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच के तहत पुलिस ने दोनों आरोपियों को घटनास्थल ले जाकर क्राइम सीन रिक्रिएट किया. जांच के दौरान सामने आया कि कथित साजिश के तहत सिया ने ध्यान भटकाया, जबकि चेतन ने पीछे से धक्का देकर केतन को गहरी खाई में गिरा दिया.

Ketan Murder Case major revelation during the crime scene reconstruction at Lohagarh Fort
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ketan Agarwal Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है. पुलिस ने रविवार को मुख्य आरोपी सिया अग्रवाल और उसके साथी चेतन चौधरी को लोहगढ़ किले ले जाकर घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण कराया. इस दौरान पूरे घटनाक्रम को उसी तरह दोहराया गया, जैसा कथित तौर पर हत्या वाले दिन हुआ था. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस प्रक्रिया से कई अहम सुराग हाथ लगे हैं.

क्राइम सीन रिक्रिएशन में सामने आया घटनाक्रम

लोनावला पुलिस की मौजूदगी में घटनास्थल पर क्राइम सीन को दोबारा तैयार किया गया. अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान फाइबर से बनी एक डमी का इस्तेमाल किया गया ताकि पूरी घटना को सुरक्षित तरीके से समझा जा सके. पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बताए अनुसार घटनाक्रम को दोहराने पर पता चला कि चेतन चौधरी पीछे से आया और अचानक केतन अग्रवाल को धक्का दे दिया. संतुलन बिगड़ने के कारण केतन करीब 300 फीट गहरी खाई में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

सिया ने बताई कथित साजिश की पूरी कहानी

जांच अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ और घटनास्थल पर पुनर्निर्माण के दौरान सिया अग्रवाल ने कथित तौर पर पूरी योजना की जानकारी दी. बताया गया कि योजना के अनुसार सिया पहले से एक ऊंची जगह पर जाकर बैठ गई और जूते के फीते बांधने का बहाना करने लगी. जैसे ही वह नीचे झुकी, चेतन ने पीछे से आकर केतन को धक्का दे दिया. जांचकर्ताओं का मानना है कि यह तरीका इसलिए चुना गया ताकि धक्का लगने के समय केतन सिया को पकड़ न सकें और वह पूरी तरह सुरक्षित रहे.

पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग

पुलिस ने घटनास्थल पर किए गए पूरे क्राइम सीन रिक्रिएशन की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की है. जांच एजेंसियों का कहना है कि इस रिकॉर्डिंग और आरोपियों के बयानों को आगे की जांच और अदालत में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है.

गूगल सर्च हिस्ट्री भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर इंटरनेट पर हत्या के तरीकों से जुड़े विषयों की खोज की थी. अब पुलिस उनकी डिजिटल गतिविधियों और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी गहन जांच कर रही है, ताकि पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ी जा सकें.

18 जून को हुई थी केतन की मौत

18 जून 2026 को लोहगढ़ किले से नीचे गिरने के कारण केतन अग्रवाल की मौत हुई थी. शुरुआती जांच के बाद मामला संदिग्ध पाया गया और पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया. जांच में सामने आया कि सिया परिवार के दबाव में केतन से शादी करने के लिए तैयार हुई थी, जबकि वह यह रिश्ता नहीं चाहती थी. 23 जून 2026 को पुलिस ने सिया अग्रवाल और उसके दोस्त चेतन चौधरी को गिरफ्तार कर लिया था. अदालत ने दोनों को आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेजा था.

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलेगा मामला

मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने इस केस की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में कराने का फैसला लिया है. साथ ही वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को सरकारी पक्ष की पैरवी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह निर्णय तब लिया गया, जब मृतक के पिता ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर जल्द न्याय दिलाने की मांग की. मुख्यमंत्री ने परिवार को निष्पक्ष और तेज जांच का भरोसा दिया है.

चेतन की बाइक और कपड़े जब्त

जांच के दौरान पुलिस ने चेतन चौधरी की उस मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर पुणे से लोहगढ़ किले तक आने-जाने में किया गया था. इसके अलावा घटना वाले दिन पहनी गई हुडी और हेडफोन भी बरामद किए गए हैं. इन सभी सामानों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है. इससे पहले पुलिस सिया अग्रवाल के माता-पिता से भी कई घंटे तक पूछताछ कर चुकी है. मामले में जांच लगातार जारी है.


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