कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं... PoK में प्रदर्शनकारियों का विरोध तेज, शहबाज-मुनीर को दी चेतावनी

PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते दिखाई दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में रावलकोट में आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान एक वक्ता ने मंच से कहा कि "कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है" और क्षेत्र में किसी भी तरह के तानाशाही शासन को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

Kashmir is not part of Pakistan Protests intensify in PoK warning issued to Shehbaz and Munir
Image Source: Social Media

PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते दिखाई दे रहे हैं. सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में रावलकोट में आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान एक वक्ता ने मंच से कहा कि "कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है" और क्षेत्र में किसी भी तरह के तानाशाही शासन को स्वीकार नहीं किया जाएगा.

मंच से पाकिस्तान सरकार और सेना पर निशाना

वायरल वीडियो में वक्ता ने आरोप लगाया कि नियंत्रण रेखा (सीजफायर लाइन) के पास लोग अपने अधिकारों को लेकर धरने पर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र के लोगों पर दबाव और प्रतिबंध जारी रहे, तो वे "दूसरा रास्ता" अपनाने पर मजबूर हो सकते हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि कश्मीर के लोग किसी भी तानाशाही व्यवस्था को स्वीकार नहीं करेंगे.

पाकिस्तान से अपने नागरिकों पर ध्यान देने की अपील

वीडियो में वक्ता ने पाकिस्तान सरकार से कहा कि वह कश्मीर के बजाय पहले अपने नागरिकों की समस्याओं पर ध्यान दे. उन्होंने पाकिस्तान में मजदूरों की स्थिति, रोजगार, शिक्षा और न्याय जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए सरकार से इन क्षेत्रों में सुधार की मांग की. उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान को अपने लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए.

PoK में लगातार बढ़ रहा असंतोष

बताया जा रहा है कि इन प्रदर्शनों का नेतृत्व आवामी एक्शन कमेटी कर रही है. सुरक्षा इंतजाम और प्रशासनिक पाबंदियों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में महंगाई, आर्थिक संकट और प्रशासनिक समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं. उनका कहना है कि लंबे समय से स्थानीय लोगों की राजनीतिक आवाज को नजरअंदाज किया गया है.

अधिक राजनीतिक अधिकारों की मांग

प्रदर्शन में शामिल लोग मांग कर रहे हैं कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से जुड़े फैसलों में स्थानीय जनता की भागीदारी सुनिश्चित की जाए. साथ ही वे क्षेत्र को अधिक राजनीतिक स्वायत्तता देने की भी मांग कर रहे हैं.

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में भी बाधा डाल रहा है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं. हाल के दिनों में सामने आए विरोध प्रदर्शनों को क्षेत्र में बढ़ते असंतोष का संकेत माना जा रहा है.

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