Amazon में काम करने वालों को लग सकता है झटका, कंपनी कर सकती है 16 हजार कर्मचारियों की छटनी

Amazon Layoffs 2026: साल 2026 के पहले महीने में टेक इंडस्ट्री में एक नई चिंता ने जन्म लिया है, कर्मचारियों की छंटनी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, Amazon अगले हफ्ते करीब 16,000 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान कर सकता है, जो पहले से चल रही 30,000 नौकरियों में कटौती की योजना का हिस्सा है.

Jobs People working in Amazon may get a shock the company may lay off 16 thousand employees
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Amazon Layoffs 2026: साल 2026 के पहले महीने में टेक इंडस्ट्री में एक नई चिंता ने जन्म लिया है, कर्मचारियों की छंटनी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, Amazon अगले हफ्ते करीब 16,000 कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान कर सकता है, जो पहले से चल रही 30,000 नौकरियों में कटौती की योजना का हिस्सा है. अगर यह छंटनी होती है, तो यह Amazon के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी छंटनियों में से एक मानी जा सकती है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, Amazon ने पहले ही 30,000 नौकरियों में कटौती की योजना बनाई थी, और इसका पहला चरण अक्टूबर 2025 में पूरा हो चुका था, जिसमें करीब 14,000 कर्मचारियों को निकाल दिया गया था. अब कंपनी दूसरे चरण की शुरुआत करने जा रही है, जिसमें लगभग 16,000 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है. इस तरह से, कुल छंटनी का आंकड़ा 30,000 के करीब पहुंच सकता है, जो कि एक बड़ी संख्या है और इससे कई कर्मचारियों के बीच असमंजस का माहौल है.

छंटनी की तारीख और योजना

ब्लाइंड और रेडिट जैसे कॉर्पोरेट प्लेटफॉर्म्स पर चर्चा करने वाले Amazon के कर्मचारियों के मुताबिक, इस छंटनी की प्रक्रिया 27 जनवरी 2026 से शुरू हो सकती है. कई कर्मचारियों ने संकेत दिया है कि मैनेजर्स और सीनियर लीडर्स ने अंदरूनी तौर पर इस बारे में जानकारी दी है. यह भी कहा जा रहा है कि जिन कर्मचारियों पर परफॉर्मेंस इंप्रूवमेंट प्लान (PIP) लागू है, उन्हें पहले सूचना दी जा सकती है.

कौन से विभाग होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित?

अमेजन की इस छंटनी का असर सिर्फ वेयरहाउस या रिटेल विभाग तक सीमित नहीं होगा. रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बार उच्च वेतन वाले कॉर्पोरेट विभागों में ज्यादा छंटनी हो सकती है. खासतौर पर People Experience and Technology (PXT) डिवीजन पर बड़ी कटौती की संभावना है, क्योंकि कंपनी यहां पर अपने संसाधनों को ऑप्टिमाइज करने की कोशिश कर रही है. इसके अलावा, Amazon Web Services (AWS) में भी कुछ सपोर्ट और एडमिनिस्ट्रेटिव रोल्स खत्म किए जा सकते हैं, ताकि कंपनी का फोकस AI और डेटा सेंटर निवेश पर अधिक हो सके.

AI और ऑटोमेशन के कारण छंटनी का दबाव

Amazon के CEO एंडी जेसी पहले ही यह बयान दे चुके हैं कि कंपनी अपनी मैनेजमेंट लेयर्स को कम करने और संगठन को फ्लैट बनाने की प्रक्रिया में है. इस बदलाव के कारण कंपनी तेजी से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ऑटोमेशन टूल्स का इस्तेमाल कर रही है, जिससे भर्ती, परफॉर्मेंस ट्रैकिंग और आंतरिक प्रक्रियाओं को ऑटोमेट किया जा रहा है. इसका सीधा असर नौकरियों पर पड़ रहा है, क्योंकि कम कर्मचारियों से अधिक काम लेने की उम्मीदें बढ़ रही हैं. यह बदलाव न केवल कर्मचारियों के लिए चुनौतीपूर्ण है, बल्कि कंपनी के संचालन पर भी प्रभाव डाल सकता है.

छंटनी का लंबा असर

यह छंटनी केवल एक तात्कालिक घटना नहीं है, बल्कि इसे एक बड़े संगठनात्मक बदलाव के रूप में देखा जा सकता है. जहां पहले अमेजन का फोकस तेज़ी से वृद्धि और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने पर था, वहीं अब कंपनी खुद को अधिक ऑटोमेटेड और कुशल बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है. इसके साथ ही, AI और डेटा सेंटर्स में निवेश बढ़ाकर कंपनी अपनी कार्यकुशलता को और बढ़ाना चाहती है.

जहां एक तरफ AI और ऑटोमेशन की वजह से कई नौकरियां चली जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ इस बदलाव के साथ नए अवसर भी उत्पन्न हो सकते हैं, जैसे कि AI टूल्स और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में नयी नौकरियों का सृजन. हालांकि, यह सब बदलती तकनीक और श्रमिकों की उम्मीदों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती होगी.

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