झारखंड कैबिनेट में 27 प्रस्तावों पर लगी मुहर, RIMS-2 को ₹4189 करोड़, प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव

Jharkhand Cabinet Decisions: झारखंड सरकार ने राज्य के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई अहम निर्णय लिए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.

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Jharkhand Cabinet Decisions: झारखंड सरकार ने राज्य के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई अहम निर्णय लिए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई. इन फैसलों का असर स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, प्रशासनिक ढांचे, कानून-व्यवस्था और निवेश जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर देखने को मिलेगा. सरकार का कहना है कि इन निर्णयों का उद्देश्य राज्य में बेहतर प्रशासन, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और विकास परियोजनाओं को गति देना है.

RIMS-2 परियोजना को मिली मंजूरी

कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा फैसला रिम्स-2 (RIMS-2) परियोजना को मंजूरी देना रहा. इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए सरकार ने 4,189.41 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है. इस परियोजना का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाना है ताकि मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधाएं मिल सकें.

परियोजना के संचालन और निगरानी के लिए 'जागृति प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU)' का गठन किया जाएगा. वहीं, परियोजना में शैक्षणिक और तकनीकी सहयोग के लिए IIM रांची को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा XISS रांची सामाजिक और आर्थिक प्रभावों का आकलन करने का कार्य करेगा.

ग्रामीण विकास के लिए नई योजना लागू करने का फैसला

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 'विकसित भारत – जी-राम-जी (G-RAM-G)' योजना लागू करने का निर्णय लिया है. इस योजना के माध्यम से विशेष रूप से आदिम जनजाति समूह (PVTG) के लोगों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा.

छोटे प्रखंडों और अंचलों में लागू होगी एकल प्रशासनिक व्यवस्था

कैबिनेट ने प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी और तेज बनाने के लिए नई व्यवस्था को भी मंजूरी दी है. जिन प्रखंडों और अंचलों में 12 से कम पंचायतें हैं, वहां अब एक ही अधिकारी दोनों जिम्मेदारियां संभालेगा.

नई व्यवस्था के तहत 53 अंचलों में CEO सह BDO और 54 प्रखंडों में BDO सह CO की नियुक्ति की जाएगी. हालांकि, राज्य के 164 बड़े प्रखंडों में पहले की तरह प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचल अधिकारी (CO) के पद अलग-अलग बने रहेंगे.

श्रावणी मेले के लिए सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

विश्व प्रसिद्ध सुल्तानगंज-देवघर श्रावणी मेले को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला किया है. मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए 47 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की जाएंगी.

इनमें 28 अस्थायी पुलिस आउटपोस्ट (OP) और 19 ट्रैफिक आउटपोस्ट शामिल हैं. ये सभी व्यवस्थाएं 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक प्रभावी रहेंगी, ताकि मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिल सके.

दिल्ली में होगा राष्ट्रीय निवेश और विकास सम्मेलन

राज्य में निवेश और विकास के नए अवसरों को बढ़ावा देने के लिए 8 और 9 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में 'नेशनल स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन 2026' का आयोजन किया जाएगा. इस सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे. सम्मेलन में उद्योग, निवेश, नीति निर्माण और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भागीदारी रहने की संभावना है, जिससे झारखंड में नए निवेश और विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है.

विकास और प्रशासनिक सुधारों पर सरकार का फोकस

कैबिनेट की इस बैठक में लिए गए फैसले साफ संकेत देते हैं कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, प्रशासनिक सुधार, ग्रामीण विकास और निवेश को प्राथमिकता दे रही है. आने वाले समय में इन योजनाओं के लागू होने के बाद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था, सरकारी कामकाज और विकास परियोजनाओं में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

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