Japan: जापान ने इतिहास रचते हुए पहली बार एक महिला को देश का प्रधानमंत्री चुना है. लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) की वरिष्ठ नेता साने ताकाइची को संसद के दोनों सदनों से बहुमत मिलने के बाद आधिकारिक रूप से अगला प्रधानमंत्री घोषित कर दिया गया है.
ताकाइची को उच्च सदन में 125 वोट मिले, जो कि आवश्यक संख्या से एक अधिक थे. इससे पहले, निचले सदन में उन्हें 237 सांसदों का समर्थन प्राप्त हुआ था, जबकि बहुमत के लिए 233 मतों की ज़रूरत थी.
पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साने ताकाइची को ट्विटर के माध्यम से बधाई देते हुए कहा, "मैं भारत और जापान के बीच विशेष रणनीतिक तथा वैश्विक साझेदारी को और सशक्त करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने को लेकर आशान्वित हूं. हमारे रिश्ते इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं."
Prime Minister Narendra Modi congratulates Sanae Takaichi, on being elected as the Prime Minister of Japan.
— ANI (@ANI) October 21, 2025
PM Modi tweets, "I look forward to working closely with you to further strengthen the India–Japan Special Strategic and Global Partnership. Our deepening ties are vital… pic.twitter.com/jTibIXoFGf
सत्ता परिवर्तन और नई राह
ताकाइची के शपथ ग्रहण से पहले निवर्तमान प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ इस्तीफा सौंप दिया. इशिबा सरकार ने लगभग एक साल पहले सत्ता संभाली थी, और उनके पद छोड़ते ही सत्ता की बागडोर ताकाइची के हाथों में आ गई है. कैबिनेट के अंतिम सत्र में, जो स्थानीय समयानुसार सुबह 9 बजे आयोजित हुआ, सभी मंत्रियों ने अपने त्यागपत्र दिए और औपचारिक रूप से सरकार ने इस्तीफा दे दिया.
रूढ़िवादी रुख और नई सरकार की दिशा
64 वर्षीय साने ताकाइची जापान की राजनीति में एक मजबूत दक्षिणपंथी और रूढ़िवादी आवाज़ मानी जाती हैं. उन्होंने समलैंगिक विवाह का खुलकर विरोध किया है, और शाही उत्तराधिकार को केवल पुरुषों तक सीमित रखने की पक्षधर हैं. इसके अलावा, वे विवाहित जोड़ों को अलग उपनाम रखने की कानूनी छूट के खिलाफ भी रही हैं.एलडीपी ने सरकार बनाने के लिए जापान इनोवेशन पार्टी (इशिन नो काई) के साथ गठबंधन किया है. इस सहयोग ने ताकाइची को जरूरी समर्थन प्रदान किया, जिससे उनकी प्रधानमंत्री बनने की राह आसान हो गई.
महिला नेतृत्व की दिशा में एक बड़ा कदम
जापान में पारंपरिक रूप से नेतृत्व के पदों पर पुरुषों का दबदबा रहा है. महिला सांसदों और कारोबारी नेताओं की संख्या आज भी सीमित है. ऐसे में साने ताकाइची का प्रधानमंत्री बनना देश के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है — भले ही वे खुद कुछ प्रगतिशील मुद्दों की विरोधी रही हों. अगले कुछ दिनों में ताकाइची एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती हैं जिसमें वे अपनी नीतियों, प्राथमिकताओं और मंत्रिमंडल में शामिल किए गए चेहरों की जानकारी देंगी.
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