अच्छे से रहो नहीं तो नाश कर देंगे... हमास को ट्रंप की चेतावनी, क्यों दी ये धमकी?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को हमास को सख्त चेतावनी दी कि यदि वह गाजा के साथ हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा.

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को हमास को सख्त चेतावनी दी कि यदि वह गाजा के साथ हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा. हालांकि ट्रम्प ने यह भी कहा कि समझौते का सम्मान करने के लिए समूह को समय दिया जाएगा. उनके बयान के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस दो वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिकों के साथ इजरायल के लिए रवाना हो गए.


वाइट हाउस में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बैनिस की मेजबानी के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि हमास से यह अपेक्षा थी कि वह समझौते के नियमों का पालन करेगा. अगर वे ऐसा नहीं करते तो “हम अंदर जाएंगे और उन्हें मिटा देंगे” — शब्दों में उन्होंने साफ़ चेतावनी दी कि ज़रूरी होने पर कार्रवाई की जाएगी.

युद्धविराम पर मतभेद जारी

ट्रम्प ने कुछ सप्ताह पहले गाजा में शांति समझौते में मध्यस्थता की भूमिका निभाई थी, लेकिन समझौता कई बार संकट की स्थिति में आ चुका है. इजरायल का आरोप है कि हमास बंधकों के शव सौंपने में देरी कर रहा है और हमलों में शामिल है, जबकि हमास के शीर्ष वार्ताकार खलील अल-हय्या ने मिस्र के एक मीडिया हाउस से कहा कि समूह अभी भी युद्धविराम के प्रति प्रतिबद्ध है और समझौते का पालन करने का इरादा रखता है.

अमेरिकी साझा लाइन: सेना शामिल नहीं होगी

ट्रम्प ने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल अमेरिकी सेना सीधे हमास के खिलाफ लड़ाई में भाग नहीं लेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि कई देशों ने गाजा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल में भाग लेने की सहमति जताई है. ट्रम्प ने यह भी जोड़ा कि यदि जरूरत पड़ी और वे चाहें तो इजरायल बहुत जल्दी ही सामने आ सकता है. “दो मिनट के अंदर” — पर फिलहाल उन्हें मौका दिया जा रहा है ताकि हिंसा कम हो.

हमास की स्थिति और क्षेत्रीय असर

ट्रम्प ने यह दावा भी किया कि हमास इस समय कमजोर हुआ है क्योंकि इस साल अमेरिका और इजरायल ने उसके प्रमुख क्षेत्रीय समर्थक ईरान पर दबाव डाला, जिससे उसे अब पर्याप्त मदद नहीं मिल रही. उन्होंने कहा कि हमास को या तो समझौते का पालन करना होगा या फिर कड़ी कार्रवाई झेलनी पड़ेगी.

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