सूर्य के पास आते ही 3I/ATLAS में दिखा कुछ ऐसा, जिससे सन्न रह गए वैज्ञानिक; कहा- पहले कभी नहीं...

3I ATLAS Brightening:  आसमान में एक रहस्यमयी धूमकेतु दिखाई दिया है, जो हमारे सौरमंडल का हिस्सा नहीं है. इसका नाम है 3I/ATLAS, और यह किसी और तारामंडल से आया है. वैज्ञानिक इसे देखकर दंग हैं क्योंकि सूरज के पास पहुंचते ही इस धूमकेतु ने अपनी चमक से सभी उम्मीदों को पार कर दिया.

it came near the Sun something was seen 3I/ATLAS which left the scientists stunned
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3I ATLAS Brightening:  आसमान में एक रहस्यमयी धूमकेतु दिखाई दिया है, जो हमारे सौरमंडल का हिस्सा नहीं है. इसका नाम है 3I/ATLAS, और यह किसी और तारामंडल से आया है. वैज्ञानिक इसे देखकर दंग हैं क्योंकि सूरज के पास पहुंचते ही इस धूमकेतु ने अपनी चमक से सभी उम्मीदों को पार कर दिया. इससे पहले केवल दो ही ऐसे अंतरतारकीय (Interstellar) मेहमान देखे गए थे, 2017 में ‘ओउमुआमुआ’ और 2019 में ‘2I/बोरिसोव’. 3I/ATLAS तीसरा ऐसा मेहमान है, जिसने हमारे सौरमंडल की यात्रा की.

29 अक्टूबर को जब 3I/ATLAS सूरज के सबसे करीब पहुंचा, तो वैज्ञानिकों को लगा कि इसकी चमक सामान्य धूमकेतुओं की तरह धीरे-धीरे बढ़ेगी. लेकिन इस बार कुछ अलग हुआ. यह धूमकेतु उम्मीद से कई गुना तेज़ चमकने लगा. वैज्ञानिकों को अब तक यह समझ नहीं आया कि इसका यह असामान्य व्यवहार क्यों है.

आमतौर पर सूरज के करीब आने पर धूमकेतु की बर्फ गैस में बदल जाती है, जिससे धूल और गैस का एक चमकदार बादल बनता है. यही हिस्सा हमें दूर से चमकता हुआ दिखता है. लेकिन 3I/ATLAS की चमक बढ़ने की रफ्तार सामान्य धूमकेतुओं से कहीं तेज़ थी.

NASA के सैटेलाइट्स रख रहे हैं नज़दीकी निगरानी

इस रहस्यमयी धूमकेतु की निगरानी NASA के कई सैटेलाइट्स कर रहे हैं, STEREO-A, STEREO-B, SOHO और GOES-19. फिलहाल पृथ्वी से इसे देखना मुश्किल है क्योंकि यह सूरज की रोशनी के बहुत पास है. वैज्ञानिक उम्मीद कर रहे हैं कि नवंबर 2025 के मध्य तक, जब यह सूरज की चमक से बाहर आएगा, तब इसे फिर से टेलिस्कोप के जरिए देखा जा सकेगा.

वैज्ञानिक भी उलझे: चमक क्यों इतनी तेज़?

  • वैज्ञानिक मानते हैं कि 3I/ATLAS की तेज चमक के पीछे दो मुख्य कारण हो सकते हैं:
  • धूमकेतु सूरज की ओर बहुत तेजी से बढ़ रहा है, जिससे इसकी सतह पर बर्फ और गैस की प्रतिक्रिया असामान्य रूप से तेज हो गई.

इसकी संरचना बाकी धूमकेतुओं से अलग हो सकती है. इसका मतलब यह भी है कि जिस तारामंडल से यह आया है, वहां के ग्रहों और तारों की रासायनिक बनावट हमारे सौरमंडल से अलग हो सकती है.

बर्फ, गैस और सूरज का खेल

कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि इस धूमकेतु में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा ज्यादा है. सूरज के करीब आने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड अंदर की बर्फ को ठंडा रखती रही, जिससे पानी की बर्फ भाप में नहीं बदली. लेकिन जैसे ही यह और पास आया, यह प्रक्रिया अचानक शुरू हो गई, और धूमकेतु की चमक तेजी से बढ़ गई.

रहस्य अभी भी बरकरार

वैज्ञानिकों का मानना है कि 3I/ATLAS का भविष्य अनिश्चित है. हो सकता है कि इसकी चमक स्थिर हो जाए, या फिर अचानक घटने लगे. फिर भी इतना तय है कि यह अंतरतारकीय मेहमान आने वाले महीनों में और भी रहस्य उजागर करेगा, और हमारे सौरमंडल के बारे में नई जानकारी देगा.

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