ISRO Internship 2026: अंतरिक्ष विज्ञान में दिलचस्पी रखने वाले लाखों छात्रों के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने एक सुनहरा अवसर पेश किया है. अगर आप इंजीनियरिंग, साइंस या रिसर्च के क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे हैं और चाहते हैं कि आपकी सीख सिर्फ किताबों तक सीमित न रहे, तो इसरो की नई इंटर्नशिप और स्टूडेंट ट्रेनी प्रोग्राम आपके करियर को नई दिशा दे सकता है. इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों को देश के शीर्ष वैज्ञानिकों के साथ काम करने, आधुनिक स्पेस टेक्नोलॉजी को करीब से समझने और वास्तविक रिसर्च प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा. यह इंटर्नशिप उन युवाओं के लिए खास है जो भविष्य में स्पेस साइंस, एयरोस्पेस या एडवांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं.
विज्ञान और तकनीक के छात्रों के लिए बड़ा मौका
ISRO ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जुड़े विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप और स्टूडेंट ट्रेनी प्रोग्राम की विस्तृत जानकारी जारी की है. इस कार्यक्रम के तहत चयनित छात्रों को इसरो के विभिन्न केंद्रों में जाकर वैज्ञानिकों के साथ काम करने और स्पेस रिसर्च से जुड़े प्रोजेक्ट्स में व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा. इच्छुक उम्मीदवार अपनी पसंद के इसरो केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. प्रत्येक केंद्र अपने रिसर्च क्षेत्र और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार आवेदन प्रक्रिया संचालित करेगा.
कौन कर सकता है आवेदन?
इसरो की इंटर्नशिप के लिए केवल भारतीय नागरिक आवेदन करने के पात्र होंगे. आवेदन करने वाला छात्र किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से विज्ञान या प्रौद्योगिकी से जुड़े विषय में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन या रिसर्च कर रहा हो या हाल ही में अपनी डिग्री पूरी की हो. शैक्षणिक योग्यता के तहत अभ्यर्थी के पास न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक या 10 प्वाइंट सीजीपीए स्केल में 6.32 CGPA होना अनिवार्य है. हालांकि, अलग-अलग इसरो केंद्र अपनी आवश्यकताओं के अनुसार अतिरिक्त पात्रता शर्तें भी निर्धारित कर सकते हैं.
VSSC इंटर्नशिप के लिए क्या हैं पात्रता नियम?
विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) की इंटर्नशिप के लिए बीई, बीटेक, एमई, एमटेक, बीएससी, एमएससी, बीएस-एमएस, इंटीग्रेटेड एमएससी, इंटीग्रेटेड एमटेक और पीएचडी के छात्र आवेदन कर सकते हैं. ग्रेजुएशन कर रहे छात्रों का निर्धारित सेमेस्टर पूरा होना आवश्यक है. वहीं एमई, एमटेक और एमएससी के विद्यार्थियों के लिए पहला सेमेस्टर पूरा होना जरूरी है. पीएचडी उम्मीदवारों को अपना कोर्सवर्क पूरा करना होगा. आवेदन केवल नियमित पाठ्यक्रम में अध्ययनरत छात्रों या 14 फरवरी 2025 के बाद डिग्री पूरी करने वाले अभ्यर्थियों से स्वीकार किए जाएंगे.
कितने दिन की होगी इंटर्नशिप?
इसरो की यह इंटर्नशिप न्यूनतम 21 दिन और अधिकतम 45 दिन की होगी. इस दौरान चयनित छात्र इसरो की प्रयोगशालाओं में वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न रिसर्च एवं तकनीकी परियोजनाओं पर काम करेंगे. इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है, इसलिए इसे पूरी तरह प्रशिक्षण आधारित रखा गया है. इस दौरान किसी भी छात्र को स्टाइपेंड, मानदेय, आवास या भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी.
चयन प्रक्रिया कैसे होगी?
इंटर्नशिप के लिए उम्मीदवारों का चयन उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों, उपलब्ध सीटों, संबंधित इसरो केंद्र की प्रयोगशाला क्षमता और संसाधनों के आधार पर किया जाएगा. चयनित उम्मीदवारों को ईमेल के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी. इसरो ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी छात्र को अपनी एक डिग्री के दौरान केवल एक बार ही इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा. इसलिए आवेदन करने से पहले पात्रता और सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी होगा.
आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी?
बीएससी इंटर्नशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे शुरू होगी. आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 14 सितंबर 2026 रात 11:59 बजे निर्धारित की गई है. चयनित उम्मीदवारों की इंटर्नशिप 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 के बीच आयोजित की जाएगी. इसलिए इच्छुक छात्रों को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है.
आवेदन के समय किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को अपनी शैक्षणिक मार्कशीट, तकनीकी कौशल से जुड़ी जानकारी, प्रोजेक्ट वर्क का विवरण, यदि कोई कार्य अनुभव हो तो उसकी जानकारी और अपने कॉलेज से जारी परमिशन लेटर एक ही पीडीएफ फाइल में अपलोड करना होगा.
इन इसरो केंद्रों में कर सकेंगे आवेदन
उम्मीदवार अपनी रुचि और विषय के अनुसार इसरो के विभिन्न प्रतिष्ठित केंद्रों में आवेदन कर सकते हैं. इनमें यू. आर. राव सैटलाइट सेंटर (बेंगलुरु), स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (अहमदाबाद), विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (तिरुअनंतपुरम), सतीश धवन स्पेस सेंटर (श्रीहरिकोटा), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग (देहरादून), मास्टर कंट्रोल फैसिलिटी, आईएसटीआरएसी, फिजिकल रिसर्च लेबोरेटरी सहित कई अन्य इसरो संस्थान शामिल हैं.
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