इजरायली फाइटर जेट ने लेबनान में की एयरस्ट्राइक, हिजबुल्लाह के हथियार गोदाम को बनाया निशाना, बढ़ी दहशत

इजरायली वायुसेना ने शुक्रवार देर रात लेबनान में हिज़्बुल्लाह के हथियार डिपो और रॉकेट लॉन्च साइट्स पर जबरदस्त बमबारी की. ये हमले दक्षिणी लेबनान में हुए, जहां ईरान समर्थित इस संगठन के ठिकाने मौजूद थे.

Israeli fighter jets carried out airstrikes in Lebanon targeting Hezbollahs weapons depot panic increased
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- ANI

बेरूत: इजरायली वायुसेना ने शुक्रवार देर रात लेबनान में हिज़्बुल्लाह के हथियार डिपो और रॉकेट लॉन्च साइट्स पर जबरदस्त बमबारी की. ये हमले दक्षिणी लेबनान में हुए, जहां ईरान समर्थित इस संगठन के ठिकाने मौजूद थे.

संघर्ष विराम के बाद सबसे बड़ा हमला

स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 से 30 बड़े धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जो संघर्ष विराम समझौते के बाद अब तक की सबसे तगड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. हिज़्बुल्लाह से जुड़े न्यूज़ चैनल अल-मायादीन ने बताया कि इजरायल की इस कार्रवाई ने संघर्ष विराम की शर्तों का उल्लंघन किया है.

दुश्मन के ठिकानों पर सटीक प्रहार

इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) के बयान में कहा गया कि हिज़्बुल्लाह ने संघर्ष विराम समझौते का उल्लंघन किया था. संगठन हथियार जमा कर रहा था और नई लॉन्च साइट्स तैयार कर रहा था. IDF ने साफ किया कि इजरायल अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा और हिज़्बुल्लाह के दुबारा ताकत जुटाने के प्रयासों को विफल करता रहेगा.

हमले के बाद दक्षिणी लेबनान में बढ़ी दहशत

इजरायली हमलों के बाद लेबनान के टायर शहर में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी गईं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.

हिज़्बुल्लाह के शीर्ष कमांडर की मौत

इससे पहले, मंगलवार को इजरायली वायुसेना ने हिज़्बुल्लाह की रादवान फोर्स के नेवी चीफ खादिर सईद हाशेम को निशाना बनाकर मार गिराया था. हाशेम पर समुद्र के रास्ते आतंकी हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने का आरोप था. इसके एक दिन बाद ही इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में एक वाहन पर हमला किया, जिसमें हथियार लोड किए जा रहे थे.

क्या युद्ध विराम टूटने की कगार पर है?

इजरायल और हिज़्बुल्लाह के बीच तनाव फिर से बढ़ता दिख रहा है. संघर्ष विराम के बावजूद दोनों पक्ष हमले और जवाबी हमले कर रहे हैं, जिससे भविष्य में हालात और बिगड़ सकते हैं. अब यह देखना होगा कि राजनयिक कोशिशें तनाव कम कर पाती हैं या हालात और बेकाबू हो जाते हैं.

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