हमास के खिलाफ इजरायल का साइकोलॉजिकल वॉर, ग़ाज़ा में मोबाइल नेटवर्क किया हैक, नेतन्याहू का भाषण जबरन सुनवाया

Israel Gaza Conflict: जब युद्ध केवल बमों और गोलियों तक सीमित न रह जाए, जब लड़ाई दुश्मन की मानसिकता को तोड़ने की दिशा में बढ़ जाए, तब उसका रूप कहीं अधिक जटिल और खतरनाक हो जाता है.

Israel war against Hamas Gaza mobile network hacked Netanyahu speech forced to be heard
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Israel Gaza Conflict: जब युद्ध केवल बमों और गोलियों तक सीमित न रह जाए, जब लड़ाई दुश्मन की मानसिकता को तोड़ने की दिशा में बढ़ जाए, तब उसका रूप कहीं अधिक जटिल और खतरनाक हो जाता है. इज़राइल और हमास के बीच चल रहे संघर्ष में अब एक नया और अप्रत्याशित मोड़ आया है, जो साइकोलॉजिकल ऑपरेशन (Psy-Ops) की पराकाष्ठा को दर्शाता है.

इजरायल ने ग़ाज़ा में मोबाइल नेटवर्क पर अस्थायी रूप से नियंत्रण कर लिया, और वहां के लाखों लोगों को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में दिया गया भाषण जबरन सुनवाया. यही नहीं, शहर भर में लगे लाउडस्पीकरों के माध्यम से भी यह संदेश प्रसारित किया गया, सीधे हमास के लड़ाकों और ग़ाज़ा के नागरिकों तक.

नेतन्याहू ने बंधकों को किया सीधे संबोधित

नेतन्याहू ने अपने भाषण में UN मंच से ही कहा, "बंधकों को रिहा करो, हथियार डाल दो... वरना हम शिकारी होंगे और तुम शिकार." उन्होंने 20 ज़िंदा बंधकों के नाम भी पढ़े और ग़ाज़ा के लोगों से अपील की कि युद्ध खत्म करने की चाबी उनके ही हाथ में है. उनका यह भाषण न केवल आक्रामक था, बल्कि रणनीतिक रूप से ऐसा संदेश था जो सीधे दुश्मन की मनोवैज्ञानिक ताकत को निशाना बनाता है.

UNGA में तीखी चेतावनी, कई देश नाराज़

नेतन्याहू ने UNGA के मंच से दुनियाभर के नेताओं को कठोर लहजे में चेताया. उन्होंने कहा, “7 अक्टूबर 2023 को हमास ने इज़राइल पर क्रूर हमला किया जिसमें 1200 नागरिक मारे गए, इज़राइल नहीं भूला, भले ही दुनिया भूल गई हो.”

उन्होंने साफ किया कि फिलिस्तीन को राज्य का दर्जा देना इज़राइल के लिए आत्महत्या जैसा होगा. इस भाषण के दौरान कई देशों के प्रतिनिधि हॉल से वॉकआउट कर गए. अमेरिका और ब्रिटेन जैसे सहयोगी देशों ने भी सिर्फ जूनियर स्तर के प्रतिनिधि भेजे.

ऑपरेशन 'साइकोलॉजिकल डोमिनेंस'?

इज़रायल के इस कदम को सैन्य जानकार "साइकोलॉजिकल डोमिनेंस" मान रहे हैं, यानी ऐसा प्रभुत्व जो शरीर नहीं, मानसिकता पर असर डालता है. ग़ाज़ा में लाउडस्पीकर और मोबाइल हैकिंग के ज़रिए यह साबित करने की कोशिश की गई कि इज़राइल न केवल ताकतवर है, बल्कि हर सूचना तंत्र तक पहुंच रखने वाला देश है.

ट्रंप का बयान: “ग़ाज़ा डील करीब है”

इधर अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ग़ाज़ा संघर्ष को समाप्त करने और बंधकों की रिहाई के लिए एक बड़ी डील करीब है. उन्होंने कहा, “ये डील युद्ध खत्म करेगी और बंधकों को घर लाएगी.” ट्रंप ने सऊदी अरब, यूएई, क़तर, मिस्र, जॉर्डन, तुर्की, इंडोनेशिया और पाकिस्तान जैसे देशों के नेताओं से बात की है और यह भी बताया कि उन्होंने नेतन्याहू से चर्चा की है.

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