Israel Palestine War: इजरायल ने गाजा में एक बड़े सैन्य अभियान की तैयारी तेज कर दी है, जो जल्द ही शुरू होने की संभावना है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संघर्ष विराम के प्रयास जारी हैं, ताकि लंबे समय से जारी हिंसा को रोका जा सके. इस बीच, इजरायली सेना गाजा के संवेदनशील इलाकों में पहले से ही तैनात है और नए ऑपरेशन की रणनीति बना रही है. इस नए अभियान से न केवल युद्ध की आंच तेज होगी, बल्कि क्षेत्र में मानवीय संकट भी गहराने की आशंका जताई जा रही है.
इजरायल की तैयारी और सेना की रणनीति
इजरायली रक्षा मंत्री ने गाजा सिटी के सबसे घनी आबादी वाले हिस्सों में सैन्य कार्रवाई को मंजूरी दे दी है. इस दिशा में 60,000 रिजर्व सैनिकों को बुलाया जाएगा और 20,000 सैनिकों की सेवा अवधि बढ़ाई जाएगी. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हमास के भूमिगत सुरंग नेटवर्क को खत्म करना है, जहाँ अब तक इजरायल की जमीनी कार्रवाई नहीं पहुंची है. सेना के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि यह ऑपरेशन अगले कुछ दिनों में शुरू हो सकता है, जो युद्ध की दिशा को नया रूप देगा.
गाजा में बढ़ता मानवीय संकट
गाजा में पहले से ही भारी तबाही मची हुई है. विस्थापित लोगों की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ रही है, और कई इलाके खंडहर बन चुके हैं. मानवाधिकार संगठनों ने चेतावनी दी है कि नया सैन्य अभियान इस स्थिति को और बदतर कर सकता है. यहां के लोग अकाल, भुखमरी और बुनियादी सेवाओं की कमी से जूझ रहे हैं, जिससे मानवीय संकट गहराता जा रहा है.
इजरायल के उद्देश्य और आंतरिक विरोध
प्रधानमंत्री नेतन्याहू का कहना है कि इस अभियान का लक्ष्य बंधकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हमास को इजरायल पर हमले से रोकना है. हालांकि, इजरायल के भीतर इस लड़ाई को लेकर असंतोष भी फैल रहा है. कई रिजर्व सैनिक मानते हैं कि राजनीतिक कारणों से युद्ध लंबा खिंच रहा है. साथ ही, बंधकों के परिवार और पूर्व सुरक्षा अधिकारी भी नए अभियान के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, क्योंकि इससे बंधकों की जान को खतरा हो सकता है.
संघर्षविराम की कोशिशें और कूटनीतिक वार्ता
इजरायल और हमास के बीच मध्यस्थता के लिए मिस्र की राजधानी काहिरा में बातचीत जारी है. हमास का कहना है कि वह केवल स्थायी संघर्षविराम और इजरायली वापसी के बदले बंधकों को रिहा करेगा. वहीं, नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि हमास की हार के बिना कोई समझौता नहीं होगा. इस बीच, पूर्व शिन बेट प्रमुख योराम कोहेन ने कहा कि सभी आतंकवादियों और हथियारों को खत्म करना और सभी बंधकों को सुरक्षित वापस लाना एक असंभव लक्ष्य है.
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