गाजा में मानवीय मदद नहीं जाने दे रहा इजरायल, ग्रेटा थनबर्ग के जहाज को रोककर पोर्ट ले गया, देखें Video

गाजा पट्टी में भीषण मानवीय संकट के बीच राहत सामग्री लेकर जा रहे एक अंतरराष्ट्रीय काफिले को इजरायली नौसेना ने रोक दिया है.

Israel blocks ships carrying humanitarian aid to Gaza
Image Source: Social Media

तेल अवीव/गाजा: गाजा पट्टी में भीषण मानवीय संकट के बीच राहत सामग्री लेकर जा रहे एक अंतरराष्ट्रीय काफिले को इजरायली नौसेना ने रोक दिया है. यह काफिला विशेष रूप से गाजा के जरूरतमंदों के लिए भोजन और दवाइयां लेकर रवाना हुआ था, लेकिन उसे समुद्र में ही रोककर कड़ी निगरानी में एक बंदरगाह की ओर ले जाया गया.

इस मानवीय मिशन में स्वीडिश पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग, नेल्सन मंडेला के पोते मंडला मंडेला, स्पेन की पूर्व बार्सिलोना मेयर अदा कोलाउ, और कई यूरोपीय सांसद भी शामिल थे. इन सभी का उद्देश्य गाजा में लंबे समय से जारी नाकाबंदी को चुनौती देना और वहां के नागरिकों तक मानवीय सहायता पहुंचाना था.

इजरायली सेना ने दिया काफिले को रुकने का आदेश

राहत सामग्री ले जा रहे इस काफिले को ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला नाम दिया गया है. इसमें लगभग 50 छोटी नौकाएं शामिल थीं, जिन पर करीब 500 कार्यकर्ता, मानवाधिकार रक्षक और राजनेता सवार थे. ये जहाज गाजा के लिए विशेष रूप से खाद्य सामग्री, चिकित्सा आपूर्ति और अन्य जरूरी संसाधन लेकर निकले थे.

बुधवार को काफिले के एक सदस्य ने सोशल मीडिया पर बताया कि जब वे गाजा की ओर बढ़ रहे थे, तभी इजरायली नौसेना के जहाज उनके पास पहुंचे और उन्हें इंजन बंद करने का आदेश दिया गया. इसके कुछ समय बाद, इजरायली बलों ने उन नौकाओं पर चढ़ाई कर ली.

ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला के जहाजों को समुद्र में रोका

आयोजकों के अनुसार, सीरियस, अल्मा और अदारा नाम की नौकाओं को गाजा तट से लगभग 70 समुद्री मील दूर रोका गया. इन जहाजों पर 45 से अधिक प्रमुख कार्यकर्ता और राजनेता सवार थे. फ्लोटिला के प्रवक्ताओं ने बताया कि उनके कुछ अन्य जहाजों के साथ संवाद और लाइव स्ट्रीमिंग भी बाधित हो गई है, जिससे उनकी स्थिति के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है.

इजरायल ने इस मिशन को रोकने के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय के कई हिस्सों से इस कार्रवाई की आलोचना हो रही है.

इजरायल ने कहा- ग्रेटा थनबर्ग और अन्य सभी सुरक्षित

इजरायली विदेश मंत्रालय ने इस घटनाक्रम पर बयान जारी करते हुए कहा है कि काफिले में शामिल ग्रेटा थनबर्ग और अन्य कार्यकर्ता सुरक्षित और स्वस्थ हैं. मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें थनबर्ग और अन्य लोग एक जहाज के डेक पर बैठे हुए नजर आ रहे हैं.

इस वीडियो के जरिए यह दर्शाने की कोशिश की गई कि किसी भी कार्यकर्ता के साथ किसी तरह की हिंसा नहीं हुई है. उन्हें एक इजरायली बंदरगाह पर ले जाकर पूछताछ की जा रही है और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है.

नाकाबंदी तोड़ने का प्रयास या मानवीय सहायता?

ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला के आयोजकों का कहना है कि उनका मिशन पूरी तरह से शांतिपूर्ण है और इसका उद्देश्य केवल गाजा के लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाना है. उन्होंने इजरायली नाकाबंदी को गैरकानूनी और अमानवीय बताया है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें रोकना मानवीय सहायता के रास्ते में बाधा डालना है, जो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों का उल्लंघन है.

गाजा में भयावह मानवीय संकट

गाजा क्षेत्र इस समय भीषण मानवीय संकट का सामना कर रहा है. अक्टूबर 2023 में इजरायली सेना द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियानों के बाद से क्षेत्र में लगातार हवाई हमले और नाकाबंदी जारी है. अब तक की रिपोर्टों के अनुसार, इस संघर्ष में 66,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. इसके अलावा हजारों लोग घायल हैं और लाखों नागरिकों को अपनी आजीविका और घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है.

गाजा में भोजन, पानी, बिजली, दवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी है. अकाल जैसी स्थिति बन चुकी है और बच्चों सहित बड़ी संख्या में नागरिक कुपोषण का शिकार हो रहे हैं. कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने यहां तक कहा है कि अगर तत्काल सहायता नहीं पहुंचाई गई, तो यह संकट और भी भयावह हो सकता है.

ये भी पढ़ें- बलूचिस्तान, PoK में नरसंहार और मानवाधिकार पर ज्ञान दे रहा पाकिस्तान, भारत ने खूब लताड़ा, देखें Video