Iran US Conflict: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष छठे दिन और ज्यादा खतरनाक मोड़ लेता नजर आ रहा है. हालात शांत होने के बजाय लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. ताजा घटनाक्रम में अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के कई अहम ठिकानों पर बड़े स्तर पर हवाई हमले किए हैं. इन हमलों का मुख्य केंद्र राजधानी तेहरान रहा, जहां ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े सैन्य और खुफिया ठिकानों को निशाना बनाया गया.
इजरायली सेना के मुताबिक, पूर्वी तेहरान में स्थित एक बड़े सैन्य कंपाउंड पर बेहद सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर हमला किया गया. बताया गया है कि यह परिसर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का अहम केंद्र था, जहां कई सुरक्षा एजेंसियों के मुख्यालय भी मौजूद थे. हमले के बाद शहर के कई हिस्सों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और कुछ स्थानों पर आग भी लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
100 से ज्यादा फाइटर जेट, 250 से अधिक बम
इजरायल ने इस ऑपरेशन में बड़े पैमाने पर अपनी वायुसेना का इस्तेमाल किया. जानकारी के अनुसार, 100 से अधिक लड़ाकू विमानों ने इस मिशन में हिस्सा लिया और 250 से ज्यादा बम गिराए गए. यह हमला ईरान की सैन्य और खुफिया क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से किया गया बताया जा रहा है. इजरायल का दावा है कि उसने ईरान के इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर, आंतरिक सुरक्षा बलों के ठिकानों और साइबर वॉर यूनिट को भी निशाना बनाया.
डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों को बड़ा नुकसान
इजरायली सेना का कहना है कि अब तक के हमलों में ईरान के करीब 300 डिफेंस सिस्टम और बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया जा चुका है. सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ़्रिन ने बताया कि पूर्वी तेहरान में स्थित रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के ठिकानों के साथ-साथ परमाणु प्रतिष्ठानों के अंदर मौजूद कुछ महत्वपूर्ण साइट्स को भी टारगेट किया गया है. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
लेबनान में भी तेज हुए हमले
ईरान के साथ-साथ इजरायल ने लेबनान में भी अपने हमले तेज कर दिए हैं. यहां हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाते हुए राजधानी बेरूत, टायर और दक्षिणी इलाकों में कई जगहों पर हवाई हमले किए गए हैं. दक्षिणी लेबनान के सीमा से लगे क्षेत्रों में इजरायली सैनिकों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है, जिससे जमीनी संघर्ष की आशंका भी बढ़ गई है.
भारी नुकसान और बढ़ता संकट
लेबनान में इन हमलों के चलते अब तक करीब 70 लोगों की मौत की खबर है, जबकि 400 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं. पूरे क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और आने वाले दिनों में संघर्ष और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में जारी यह युद्ध अब कई मोर्चों पर फैलता दिख रहा है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता है.
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