तेहरानः जिस टकराव की आशंका लंबे समय से जताई जा रही थी, वह अब हकीकत बन चुकी है. मध्य पूर्व एक बार फिर खून-बारूद की भट्टी में उतर गया है, लेकिन इस बार मामला कहीं ज़्यादा गंभीर है. हमास और हूती विद्रोहियों से लड़ता आया इजरायल अब सीधे ईरान से भिड़ चुका है. शुक्रवार तड़के इजरायली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान और उसके न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला बोल दिया.
इजरायल का बड़ा हमला: ईरान के परमाणु ठिकाने तबाह
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नतांज और फोर्दो जैसे प्रमुख यूरेनियम संवर्धन केंद्रों पर जोरदार धमाके हुए हैं. यहां तक कि तेहरान के इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी विस्फोट की खबरें हैं. हमले के बाद ईरान ने तत्काल अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया और आपातकाल लागू कर दिया.
ईरान ने दिखाई तस्वीरें, कहा – हमने नहीं शुरू किया
इजरायली हमले के तुरंत बाद ईरान ने दुनिया को सबूत दिखाते हुए दावा किया कि वह खुद को सिर्फ बचा रहा है. एक आधिकारिक बयान में ईरान ने कहा: “याद रखो, हमने इसकी शुरुआत नहीं की.” इसके साथ ही ईरानी सेना ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा: “कभी भी युद्ध को आमंत्रित मत करो, लेकिन अगर कोई तुम्हें बुलाए, तो जवाब देने में देर न करो. अत्याचारी हमेशा हारता है.”
ईरान का जवाबी हमला: इजरायल पर मिसाइलों की बारिश
जैसा कि आशंका थी, ईरान ने भी ज्यादा देर नहीं लगाई और जवाबी हमला शुरू कर दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के कई शहरों को निशाना बनाते हुए ईरान ने दर्जनों मिसाइलें दागीं. हालांकि अब तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि किन-किन इलाकों पर हमला हुआ और कितना नुकसान हुआ है.
नेतन्याहू शिफ्ट, इजरायल बोले – ये तो बस शुरुआत है
इजरायल ने इस हमले को ऑपरेशन का पहला चरण बताया है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है. उन्होंने कहा: “हमारा अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है. जब तक ईरान से खतरा खत्म नहीं होता, हम पीछे नहीं हटेंगे.”
अमेरिकी न्यूज़ चैनल CNN के मुताबिक, यह हमला एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि लंबी रणनीति का हिस्सा है. खबरें हैं कि इजरायल ने ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ को भी निशाना बनाया है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी बाकी है.
अमेरिका ने बनाई दूरी
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि ईरान पर इजरायल के हमले में उसकी कोई भागीदारी नहीं है. व्हाइट हाउस का बयान आया: “इजरायल का यह फैसला उसका स्वतंत्र सैन्य निर्णय है.”
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