सीरीया में कहर बनकर बरसा इजराइल! मंत्रालय पर किया ड्रोन हमला; देखें तबाही के मंजर का खौफनाक VIDEO

मध्य-पूर्व में युद्ध की आग अब कई मोर्चों पर भड़क चुकी है, और हर मोर्चे पर इजरायल की संलिप्तता की खबरें आ रही हैं. ताजा घटनाक्रम में इजरायल ने सीरिया में अपनी सैन्य कार्रवाइयां तेज कर दी हैं, जो सीरिया के सुरक्षा और राजनीतिक समीकरणों को और अधिक जटिल बना रही हैं.

Israel attack on syria idf release video
Image Source: Social Media (Video Grabbed)

मध्य-पूर्व में युद्ध की आग अब कई मोर्चों पर भड़क चुकी है, और हर मोर्चे पर इजरायल की संलिप्तता की खबरें आ रही हैं. ताजा घटनाक्रम में इजरायल ने सीरिया में अपनी सैन्य कार्रवाइयां तेज कर दी हैं, जो सीरिया के सुरक्षा और राजनीतिक समीकरणों को और अधिक जटिल बना रही हैं. इस बार इजरायल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क में सीरियाई रक्षा मंत्रालय के एंट्री गेट पर हमला किया. यह हमला बुधवार को हुआ, और इसके बाद से इजरायल की सेना लगातार सीरिया की इस्लामिक नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ हमले कर रही है.

सीरिया में इजरायल के हमलों का कारण क्या है

इजरायल का कहना है कि सीरिया में उनके हमलों का उद्देश्य ड्रूज समुदाय को स्थानीय सैनिकों के हमलों से बचाना है. यह समुदाय सीरिया के कुछ हिस्सों में, खासकर स्वैदा और गोलान हाइट्स में, महत्वपूर्ण संख्या में बसा हुआ है. सोमवार से शुरू हुए इन हमलों के बाद, इजरायल ने सीरिया के स्वैदा शहर में सैन्य कार्यवाही को तेज कर दिया. सीरिया के सरकारी मीडिया और सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, सीरियाई सेना और ड्रूज समुदाय के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच इजरायल ने इस्लामिक शासन के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी.

सीरिया के अंदरूनी संघर्ष का इजरायल पर प्रभाव

स्वैदा में ड्रूज समुदाय और सीरियाई सरकारी सेना के बीच झड़पें बढ़ रही हैं. सीरिया के सरकारी सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि इजरायल ने बुधवार को सीरिया के सुवैदा क्षेत्र पर ड्रोन हमले किए, जिससे दो नागरिक घायल हो गए. इस हमले का उद्देश्य सीरिया के सैन्य मुख्यालय के प्रवेश द्वार को निशाना बनाना था. इजरायल ने दावा किया कि वह दक्षिणी सीरिया में ड्रूज नागरिकों के खिलाफ हो रही सरकारी कार्रवाइयों पर नजर बनाए हुए है. सीरियाई सुरक्षा बलों और ड्रूज लड़ाकों के बीच संघर्ष के बावजूद, इजरायल का यह बयान बताता है कि वह इस संघर्ष में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप कर रहा है.

ड्रूज समुदाय कौन हैं और क्यों है इजरायल की चिंता

ड्रूज समुदाय की उत्पत्ति 11वीं सदी में मिस्र से हुई थी और ये समुदाय मुख्य रूप से सीरिया, लेबनान, जॉर्डन और इजरायल में बसा हुआ है. इस समुदाय का धार्मिक विश्वास पारंपरिक इस्लाम या यहूदी धर्म से अलग है, और यह एक मिश्रित धर्म मानता है जिसमें हिंदू, बौद्ध और अन्य धार्मिक तत्व शामिल हैं. सीरिया में लगभग 7 लाख ड्रूज रहते हैं, और उनका सबसे बड़ा समूह स्वैदा शहर में है.

इजरायल के लिए इस समुदाय का महत्व इसलिए बढ़ जाता है क्योंकि यह समुदाय न केवल सीरिया में बल्कि इजरायल में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इजरायल में करीब 1.5 लाख ड्रूज नागरिक हैं जो इजरायली सेना में सेवा देते हैं. हालांकि, सीरिया के कब्जे वाले गोलान हाइट्स में रहने वाले ड्रूज नागरिक इजरायली नागरिकता का प्रस्ताव ठुकरा चुके हैं और खुद को सीरियाई मानते हैं.

सीरिया में संघर्ष और इजरायल की भूमिका

स्वैदा और आस-पास के गांवों में इजरायल द्वारा किए गए हमले की शुरुआत उस समय हुई जब सोमवार को ड्रूज लड़ाकों और सरकारी बलों के बीच हिंसा बढ़ गई. स्वैदा में हुए संघर्ष के बाद, सीरियाई सैनिकों और स्थानीय सुरक्षा बलों के बीच कई संघर्षों ने इजरायल को इस क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया. इजरायल का कहना है कि वह सीरिया में हो रही इन झड़पों में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, लेकिन वह इस स्थिति को नजदीकी से देख रहा है और ड्रूज समुदाय की सुरक्षा के लिए कदम उठा रहा है.

क्या होगा आगे?

सीरिया में युद्ध की स्थिति और इजरायल के लगातार हस्तक्षेप से यह सवाल उठता है कि भविष्य में इस संघर्ष का क्या असर होगा. क्या इजरायल सीरिया के अंदर और अधिक सैन्य कार्रवाइयां करेगा? और क्या ड्रूज समुदाय को लेकर बढ़ते तनाव सीरिया और इजरायल के बीच रिश्तों को और जटिल बना देगा? यह केवल समय ही बताएगा, लेकिन फिलहाल तो मध्य-पूर्व में इस संघर्ष के और बढ़ने की आशंका बनी हुई है.

यह भी पढ़ें: यूक्रेन को ब्रह्मास्त्र देगा अमेरिका! रूस को सबक सिखाने का ये प्लान; थरथराएंगे पुतिन!