Donald Trump Venezuela Statement: कैरिबियाई क्षेत्र में बढ़ते अमेरिकी सैन्य ऑपरेशनों के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि वेनेजुएला की भूमि पर किसी भी सैन्य हमले की योजना नहीं है.
हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा की गई हवाई और नौसैनिक कार्रवाइयों के बाद यह अटकलें तेज हो गई थीं कि वॉशिंगटन जल्द ही वेनेजुएला के भीतर सैन्य कदम उठा सकता है. लेकिन शुक्रवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उनकी सरकार वेनेजुएला पर हमला करने जा रही है, तो उन्होंने संक्षिप्त और स्पष्ट जवाब दिया, “नहीं.”
ऑपरेशनों से बढ़ा तनाव, उठने लगीं आशंकाएं
पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका ने कैरिबियाई सागर और वेनेजुएला की सीमाओं के पास ड्रग-तस्करी के संदेह में कई नौकाओं को निशाना बनाकर नष्ट किया है. इन कार्रवाइयों के बाद क्षेत्र में यह आशंका बढ़ गई थी कि अमेरिका अपने एंटी-नारकोटिक्स मिशन को सीमाओं के पार, यानी वेनेजुएला के भीतर तक बढ़ा सकता है.
सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने हाल में सीआईए (CIA) को भी कोवर्ट ऑपरेशन (गुप्त अभियान) की मंजूरी दी थी, जिससे क्षेत्रीय तनाव और गहराता गया. पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि अमेरिका “स्थलीय विकल्पों” पर भी विचार कर रहा है, यानी समुद्री अभियानों के बाद जमीनी कार्रवाई की भी संभावना हो सकती है.
“सीमा पार नहीं करेंगे”
अब ट्रंप का यह ताजा बयान संकेत देता है कि वॉशिंगटन अपनी मौजूदा कार्रवाई को सीमित रखेगा और वेनेजुएला की सीमा के भीतर किसी प्रत्यक्ष हस्तक्षेप से बचेगा. अमेरिकी रक्षा सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा मिशन का उद्देश्य केवल ड्रग-ट्रैफिकिंग नेटवर्क को तोड़ना है, न कि राजनीतिक हस्तक्षेप करना.
कैरिबियाई में अमेरिका की भारी तैनाती
पिछले कुछ महीनों में कैरिबियाई क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति में अभूतपूर्व इजाफा हुआ है. ट्रंप प्रशासन ने यहां युद्धपोत, फाइटर जेट्स और हजारों सैनिकों को तैनात किया है. इस अभियान को आधिकारिक तौर पर “एंटी-नारकोटिक्स कैंपेन” बताया गया है, जो कथित रूप से वेनेजुएला से जुड़े ड्रग-नेटवर्क्स को निशाना बना रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, आने वाले हफ्तों में यह तैनाती और बढ़ेगी जब USS Gerald R. Ford एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप कैरिबियाई जलक्षेत्र में पहुंचेगा.
14 से अधिक हमले, दर्जनों संदिग्ध मारे गए
सितंबर की शुरुआत से अब तक अमेरिका ने कैरिबियाई और प्रशांत क्षेत्रों में कम से कम 14 हवाई और नौसैनिक हमले किए हैं. इनमें दर्जनों संदिग्ध ड्रग-तस्कर मारे गए हैं और कई नौकाएं नष्ट कर दी गईं. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये ऑपरेशन “नार्को-ट्रैफिकिंग नेटवर्क पर सीधी चोट” हैं, जिनका केंद्र वेनेजुएला के तस्करी चैनल्स को कमजोर करना है.
भू-राजनीतिक संदेश या ड्रग-वॉर?
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही ट्रंप ने वेनेजुएला पर सीधे सैन्य हमले से इनकार किया हो, लेकिन यह तैनाती स्पष्ट रूप से एक राजनीतिक संदेश है कि अमेरिका कैरिबियाई और लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में अपनी पकड़ ढीली नहीं होने देगा. कई विश्लेषकों के अनुसार, यह ड्रग-वॉर के बहाने एक स्ट्रेटेजिक पावर डिस्प्ले भी है, जिससे वॉशिंगटन अपने विरोधियों, विशेष रूप से चीन और रूस को चेतावनी देना चाहता है.
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