ईरान जंग के बीच अमेरिकी आर्मी चीफ की छुट्टी, पीट हेगसेथ ने तुरंत रिटायरमेंट लेने को कहा, क्या है वजह?

ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिका की सेना में बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना प्रमुख रैंडी जॉर्ज को तुरंत पद छोड़ने और रिटायर होने का निर्देश दिया है.

Iran war US Army Chief randy george forcibly retired By Pete Hegseth
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US Army Chief Retired: ईरान के साथ बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच अमेरिका की सेना में बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना प्रमुख रैंडी जॉर्ज को तुरंत पद छोड़ने और रिटायर होने का निर्देश दिया है. इस फैसले ने पेंटागन और अमेरिकी सैन्य नेतृत्व में हलचल बढ़ा दी है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय की ओर से इस कदम की पुष्टि की गई है, हालांकि जॉर्ज को अचानक हटाए जाने के पीछे की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है. यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब अमेरिका की सैन्य रणनीति और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य बेहद संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं.

कार्यवाहक सेना प्रमुख कौन बने?

रैंडी जॉर्ज के पद छोड़ने के बाद सेना के उप प्रमुख क्रिस्टोफर ला नेवे को कार्यवाहक सेना प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है. अब वे अस्थायी रूप से अमेरिकी सेना की कमान संभालेंगे, जब तक स्थायी नियुक्ति नहीं हो जाती.

रैंडी जॉर्ज अगस्त 2023 में अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ बने थे. इस पद का कार्यकाल आमतौर पर चार साल का होता है, लेकिन उनके कार्यकाल में अभी लगभग एक साल का समय बाकी था. ऐसे में उनका अचानक रिटायर होना कई सवाल खड़े करता है.

शीर्ष सैन्य अधिकारियों की बर्खास्तगी

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पद संभालने के बाद से अमेरिकी सेना में बड़े पैमाने पर बदलाव किए हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंडे को लागू करने के तहत उन्होंने कई वरिष्ठ जनरलों और एडमिरलों को हटाया है.

बताया जा रहा है कि पिछले एक साल के भीतर एक दर्जन से ज्यादा शीर्ष सैन्य अधिकारियों को या तो उनके पद से हटाया गया है या उन्होंने समय से पहले सेवानिवृत्ति ली है. इस तरह के लगातार फैसलों ने पेंटागन के अंदर नेतृत्व को लेकर अस्थिरता पैदा कर दी है.

रैंडी जॉर्ज का सैन्य करियर

रैंडी जॉर्ज एक अनुभवी सैन्य अधिकारी रहे हैं. वे वेस्ट प्वाइंट मिलिट्री अकादमी के स्नातक हैं और पैदल सेना (इन्फैंट्री) में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने खाड़ी युद्ध के साथ-साथ इराक और अफगानिस्तान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

सेना प्रमुख बनने से पहले जॉर्ज उप प्रमुख के पद पर कार्यरत थे. इसके अलावा, वे पूर्व रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार भी रह चुके हैं. उन्होंने 2021 से 2022 के दौरान शीर्ष सैन्य सहायक के रूप में भी काम किया.

पेंटागन में बढ़ती उथल-पुथल

जॉर्ज को हटाया जाना पेंटागन में जारी बड़े बदलावों की कड़ी माना जा रहा है. इससे पहले भी कई बड़े सैन्य अधिकारियों को पद से हटाया जा चुका है. इनमें नौसेना की वरिष्ठ अधिकारी लिसा फ्रैंचेटी और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी जिम सिल्फे शामिल रहे हैं.

इसके अलावा, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले चार्ल्स सीक्यू ब्राउन को भी उनके पद से हटा दिया था, जो ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष थे.

अन्य बड़े बदलाव और नियुक्तियां

सेना के वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जेम्स मिंगस को भी उनके कार्यकाल के दौरान हटाया गया था. उनकी जगह लेफ्टिनेंट जनरल क्रिस्टोफर ला नेवे को नामित किया गया, जिन्होंने पहले दक्षिण कोरिया में आठवीं सेना की कमान संभाली थी.

ला नेवे रक्षा मंत्री हेगसेथ के करीबी सैन्य सलाहकारों में गिने जाते हैं और उन्होंने हाल के समय में रणनीतिक स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.