Iran US War: जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य बेस पर ईरान के हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने हमले और तेज कर दिए हैं. अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए. अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों की आवाजाही रोक सकता है.
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट के पास सिरिक इलाके को रविवार तड़के करीब 1:30 बजे निशाना बनाया गया. यह इलाका दक्षिण होर्मोजगन प्रांत में स्थित है. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है.
अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद बढ़ी कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि जॉर्डन में ड्रोन और मिसाइल हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है. युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार ईरान की सीधी कार्रवाई में अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं. अब तक इस संघर्ष में 16 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 430 से ज्यादा घायल हुए हैं.
इराक में भी ड्रोन हमला
इराक के इरबिल शहर के पास ईरानी कुर्द संगठन के एक बेस पर भी ड्रोन हमला हुआ. इस हमले में संगठन के आठ सदस्य घायल हो गए. इरबिल में लोगों ने एयर डिफेंस सिस्टम के धमाकों की आवाजें भी सुनीं. पिछले कुछ दिनों में इस इलाके में कई बार ड्रोन हमले हो चुके हैं.
ईरान की अमेरिका को सख्त चेतावनी
अमेरिका की कार्रवाई के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता ने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे तो अमेरिका को ऐसा जवाब मिलेगा जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगा. वहीं ईरान ने यह भी कहा कि वह पहले हुए अंतरिम समझौते के तहत अपनी कुछ प्रतिबद्धताओं को अब लागू नहीं करेगा.
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा तनाव
इस समय दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा तनाव होर्मुज स्ट्रेट को लेकर है. लगातार हो रहे हमलों से इस इलाके में तेल सप्लाई के साथ-साथ आम लोगों और जरूरी सुविधाओं पर भी खतरा बढ़ गया है. हालात को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा अलर्ट भी जारी किया है.
कुवैत में भी हुआ बड़ा नुकसान
ईरानी हमलों का असर कुवैत में भी देखने को मिला. यहां एक डिसेलिनेशन प्लांट और तेल सुविधा केंद्र को नुकसान पहुंचा. डिसेलिनेशन प्लांट में आग लगने से बिजली उत्पादन की कई इकाइयां बंद करनी पड़ीं. आग बुझाने के दौरान कई दमकलकर्मी भी घायल हो गए. सुरक्षा कारणों से कुवैत ने कुछ समय के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया और कई उड़ानों का समय बदला गया.
मिसाइल और ड्रोन मार गिराए गए
इराक ने दावा किया कि उसने इरबिल के ऊपर कई हमलावर ड्रोन मार गिराए. वहीं जॉर्डन ने भी अपनी वायु रक्षा प्रणाली से ईरानी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया. बहरीन और सऊदी अरब में भी कई बार हवाई हमले के सायरन बजे. खाड़ी देशों के संगठन जीसीसी ने ईरान पर नागरिक इलाकों और जरूरी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप लगाया है.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव से पूरे पश्चिम एशिया में हालात और गंभीर होते जा रहे हैं. दोनों देशों के बीच हमले तेज होने से क्षेत्रीय सुरक्षा, तेल आपूर्ति और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है.