Iran Oman Dispute: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुई शांति वार्ता के बाद दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट फिर से जहाजों के लिए खोल दिया गया है. हालांकि, हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं. युद्ध से पहले जिस तरह इस रास्ते से तेल टैंकर और मालवाहक जहाज गुजरते थे, अब वैसी आवाजाही देखने को नहीं मिल रही है. ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि होर्मुज स्ट्रेट अब कभी पहले जैसी स्थिति में नहीं लौटेगा.
इस बीच ओमान की ओर से बनाए गए नए समुद्री रूट को लेकर ईरान ने कड़ा विरोध जताया है. तेहरान का कहना है कि उसकी अनुमति के बिना इस तरह के नए रूट का इस्तेमाल क्षेत्र की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है. ईरान की इस चेतावनी के बाद एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
नए समुद्री रूट पर भड़का ईरान
युद्ध के दौरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता बन गई थी. इसी को देखते हुए ओमान ने अमेरिका के सहयोग से अपने तटीय क्षेत्र के पास एक नया समुद्री रूट तैयार किया है. इस रास्ते का मकसद तेल टैंकरों और दूसरे व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित तरीके से निकालना है ताकि उन्हें किसी तरह का खतरा न हो.
लेकिन ईरान इस कदम से खुश नहीं है. गुरुवार (25 जून) को ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ओमान की ओर से होर्मुज में आने वाले एक जहाज उसकी मिसाइलों की रेंज में था. ईरान ने इसे चेतावनी के तौर पर पेश किया. इसके बाद माना जा रहा है कि अगर हालात नहीं संभले तो इस क्षेत्र में फिर से तनाव बढ़ सकता है.
पहले जैसी नहीं होगी जहाजों की आवाजाही
शांति वार्ता के बाद भले ही होर्मुज स्ट्रेट दोबारा खोल दिया गया हो, लेकिन कई शिपिंग कंपनियां अब भी सावधानी बरत रही हैं. बड़ी संख्या में जहाज पहले की तुलना में दूसरे सुरक्षित रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं. वहीं कई कंपनियां अतिरिक्त सुरक्षा इंतजामों के साथ ही इस मार्ग से अपने जहाज भेज रही हैं.
ईरान और ओमान ने बनाई संयुक्त कार्य योजना
तनाव के बीच मंगलवार को ईरान और ओमान ने एक संयुक्त बयान भी जारी किया. दोनों देशों ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में भविष्य में जहाजों की आवाजाही को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए एक संयुक्त कार्य समूह (जॉइंट वर्किंग ग्रुप) बनाया जाएगा.
इस समूह का काम समुद्री सुरक्षा, जहाजों की आवाजाही और दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना होगा. साथ ही दोनों देशों ने दोहराया कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे.
दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है. खाड़ी के कई बड़े तेल उत्पादक देशों का कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचती है. इसलिए इस इलाके में पैदा होने वाला कोई भी तनाव सीधे वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित करता है.
इसी वजह से दुनिया की बड़ी ताकतें इस क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रखती हैं. फिलहाल शांति वार्ता के बाद हालात पहले से बेहतर जरूर हैं, लेकिन ईरान की नई चेतावनी ने साफ कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. आने वाले दिनों में इस समुद्री मार्ग की स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर बनी रहेगी.
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