Iran Protests: ईरान में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच हिंसा को लेकर चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं. एक अमेरिकी मानवाधिकार संगठन के अनुसार, देशभर में प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई में अब तक हजारों लोगों की जान जा चुकी है. संस्था का कहना है कि यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है और आने वाले दिनों में मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. हालांकि, ईरान सरकार की ओर से अब तक आधिकारिक रूप से मौतों के आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.
ईरान में मारे गए लोगों की संख्या को लेकर अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी’ ने यह दावा किया है. एजेंसी के अनुसार, हालिया अपडेट में मृतकों की संख्या बढ़कर 3,766 हो गई है. इससे पहले इसी संस्था ने यह आंकड़ा 3,308 बताया था.रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा संख्या ईरान में पूर्व में हुए किसी भी बड़े विरोध-प्रदर्शन के दौरान दर्ज मौतों से कहीं अधिक है. संगठन का यह भी कहना है कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लगातार नई जानकारियां मिल रही हैं, जिससे आंकड़ों में इजाफा संभव है.
सरकार की चुप्पी, अंतरराष्ट्रीय चिंता
मृतकों की बढ़ती संख्या को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहराती जा रही है, लेकिन ईरान सरकार ने अब तक इन दावों की न तो पुष्टि की है और न ही कोई विस्तृत बयान जारी किया है. सरकारी आंकड़ों के अभाव में वास्तविक स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है. मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि प्रदर्शन रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने कठोर कदम उठाए, जिससे जानमाल का भारी नुकसान हुआ.
खामेनेई का बयान बना चर्चा का विषय
इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी प्रदर्शनों में हुई मौतों को लेकर अहम टिप्पणी की है. शनिवार को दिए गए बयान में खामेनेई ने स्वीकार किया कि विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों की मौत हुई है. उन्होंने इन मौतों के लिए सीधे तौर पर अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया.यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह पहली बार है जब किसी शीर्ष ईरानी नेता ने सार्वजनिक रूप से प्रदर्शनों में बड़े पैमाने पर मौतों का संकेत दिया है. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि ईरान में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है और सटीक आंकड़े सामने आने में समय लग सकता है.
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