Iran Nuclear Deal: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच परमाणु निरीक्षण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. स्विट्जरलैंड में पहले दौर की बातचीत के बाद दोनों देशों के बयानों में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि परमाणु निरीक्षण के बिना कोई भी समझौता संभव नहीं होगा. वहीं ईरान का कहना है कि उसने अभी तक किसी निरीक्षण कार्यक्रम पर अंतिम सहमति नहीं दी है.
ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार, 23 जून को कहा कि प्रस्तावित शांति समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को ईरान में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. उन्होंने ईरानी अधिकारियों के उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें निरीक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए थे.
ट्रंप का कहना है कि ईरान समझौते की शर्तों से पूरी तरह परिचित है और दोनों पक्षों के बीच इस विषय पर चर्चा हो चुकी है. उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षक सही समय पर परमाणु स्थलों का दौरा कर सकेंगे.
ईरान ने क्या जवाब दिया?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिकी दावों को खारिज किया है. उनका कहना है कि जिन परमाणु स्थलों पर पहले हमले हुए थे, वहां निरीक्षण को लेकर कोई तय समय या योजना अभी तक तय नहीं हुई है. ईरान का मानना है कि इस मुद्दे पर अभी और बातचीत की जरूरत है.
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
यह विवाद उस समय सामने आया जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर बातचीत चल रही थी. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दावा किया था कि परमाणु स्थलों के निरीक्षण को लेकर दोनों देशों के बीच सहमति बन चुकी है. इसके बाद ईरान ने इस दावे को खारिज कर दिया, जिससे दोनों पक्षों के बीच मतभेद खुलकर सामने आ गए.
हाल की डील में क्या तय हुआ था?
पिछले सप्ताह हुई बातचीत में ईरान ने अपने यूरेनियम भंडार को कम करने पर सहमति जताई थी. इसके बदले अमेरिका की ओर से कुछ प्रतिबंधों में राहत देने की बात कही गई थी. इस समझौते को दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा था.
ट्रंप का बड़ा दावा
इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि ईरान लंबे समय तक चलने वाले उच्च स्तरीय परमाणु निरीक्षणों को स्वीकार करने के लिए तैयार हो गया है. ट्रंप का कहना था कि अगर ईरान निरीक्षण के लिए तैयार नहीं होता, तो दोनों देशों के बीच आगे कोई बातचीत नहीं होती.
आगे क्या होगा?
फिलहाल परमाणु निरीक्षण के मुद्दे पर अमेरिका और ईरान के बीच अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं. ऐसे में आने वाले दिनों की बातचीत काफी अहम मानी जा रही है. अब सबकी नजर इस बात पर है कि दोनों देश इस विवाद को सुलझाकर शांति समझौते को आगे बढ़ा पाते हैं या नहीं.
ये भी पढ़ें- सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान की युद्ध वाली धमकी, भारत ने भी सुनाई खरी खोटी, खोल दिया सारा काला चिट्ठा