खामेनेई के खिलाफ आंदोलन तेज, रेजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से की बड़ी अपील; कहा- शहरों पर कब्जा करो

Iran Protest News: ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जारी सरकार विरोधी आंदोलन लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. देशभर में प्रदर्शन 13वें दिन भी जारी हैं, जबकि सख्त सुरक्षा कार्रवाई और लगभग पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद आंदोलन का असर लगातार फैल रहा है.

Iran Movement against Khamenei intensifies Reza Pahlavi makes a big appeal to the protesters
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Iran Protest News: ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ जारी सरकार विरोधी आंदोलन लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. देशभर में प्रदर्शन 13वें दिन भी जारी हैं, जबकि सख्त सुरक्षा कार्रवाई और लगभग पूर्ण इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद आंदोलन का असर लगातार फैल रहा है. इस बीच, देश के निर्वासित पूर्व शाह के बेटे और क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन को नए स्तर पर ले जाने की अपील की है.

रेजा पहलवी ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि अब प्रदर्शन सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शहरों के प्रमुख केंद्रों और प्रशासनिक प्रतिष्ठानों पर कब्जा कर उन्हें नागरिक नियंत्रण में लेना जरूरी है. उनका मानना है कि संगठित नागरिक प्रतिरोध को तेज करने से मौजूदा सत्ता पर निर्णायक दबाव डाला जा सकता है.

हड़ताल और आर्थिक क्षेत्र पर जोर

पहलवी ने विशेष रूप से देश की अर्थव्यवस्था के अहम क्षेत्रों से जुड़े कर्मचारियों और श्रमिकों से हड़ताल शुरू करने का आग्रह किया. उन्होंने परिवहन, तेल, गैस और ऊर्जा जैसे प्रमुख सेक्टरों के कर्मचारियों को आंदोलन की रीढ़ बताया और कहा कि यदि इन क्षेत्रों में काम ठप हो जाता है, तो शासन पर सीधे असर पड़ेगा. उनका यह आह्वान देश के भीतर विरोध को संगठित और व्यापक बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.

ईरान में हालात और मौतों का आंकड़ा

हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं. 10 जनवरी तक केवल तेहरान के छह अस्पतालों में कम से कम 217 लोगों की मौत दर्ज की गई है. वहीं राष्ट्रीय स्तर की रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या कम से कम 65 बताई गई है, जिनमें 50 प्रदर्शनकारी और 15 सुरक्षाकर्मी या सरकारी कर्मचारियों को शामिल किया गया है. इसके अलावा, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां हुई हैं और अब तक देश के 180 शहरों में 2,300 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है.

रेजा पहलवी का प्रमुख विपक्षी रूप

विदेश में रहने वाले रेजा पहलवी हाल के समय में ईरान में विपक्ष का एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं. लंबे समय से बिखरे हुए ईरानी विपक्ष में उनकी अपीलों को देश के भीतर बदलाव की मांग कर रहे कई प्रदर्शनकारियों का समर्थन मिल रहा है. कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदर्शन अब तक 26 प्रांतों में कम से कम 222 स्थानों तक फैल चुके हैं, और विरोध धीरे-धीरे राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप ले रहा है.

प्रदर्शनकारी नारे और सरकार के खिलाफ संदेश

कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने ‘तानाशाह मुर्दाबाद’ और ‘जाविद शाह’ जैसे नारे लगाए, जो 1979 की इस्लामिक क्रांति से पहले के राजशाही दौर की याद दिलाते हैं. मशहद शहर में एक सार्वजनिक स्थान से ईरानी झंडा हटाने की घटना भी सामने आई, जिससे आंदोलन की व्यापकता और गहराई का संकेत मिलता है.

शासन की प्रतिक्रिया और इंटरनेट ब्लैकआउट

खामेनेई की सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा बल तैनात किए हैं. साथ ही, देशभर में इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं. हालांकि, इसके बावजूद प्रदर्शनकारी सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठा रहे हैं और ‘न गाजा, न लेबनान, ईरान के लिए मेरी जान’ जैसे नारे लगाकर देश में अपनी असंतोष की आवाज उठा रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय समर्थन और खामेनेई की चेतावनी

रेजा पहलवी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की अपील की है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी सीधे हस्तक्षेप की गुजारिश की है. वहीं, सर्वोच्च नेता खामेनेई ने बाहरी दबाव को नाकाम बताते हुए चेतावनी दी है कि इतिहास में घमंडी शासकों का अंत हमेशा पतन के रूप में हुआ है.

इस प्रकार, ईरान में राजनीतिक असंतोष और सामाजिक आंदोलन अब चरम पर पहुंचते दिख रहे हैं. नागरिकों के व्यापक प्रदर्शन, आर्थिक हड़ताल की संभावनाएं और अंतरराष्ट्रीय ध्यान ने इस मामले को वैश्विक मंच पर भी महत्वपूर्ण बना दिया है. आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारी किस दिशा में आगे बढ़ते हैं और देश के भविष्य पर इसका क्या असर पड़ता है.

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